हसनपुर(अमरोेहा)। गंगा का जलस्तर बढ़ने और धारा खेतों की ओर मुड़ने से तहसील क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ब्रजघाट से हरिबाबा धाम तक करीब 45 किलोमीटर क्षेत्र में बह रही गंगा के तटबंध के भीतर 30 से अधिक गांवों में खेती होती है। सतेड़ा, गंगाचोली, पिपलौती कला, पिपलौती खुर्द, सिरसा गुर्जर की मढैया और दयावली में तेजी से कटान हो रहा है।
सतेड़ा निवासी पीतम सिंह के मुताबिक पिछले 15 दिनों में गांव की करीब एक हजार बीघा भूमि और फसल गंगा में समा चुकी है। गंगाचोली में करीब 900 बीघा, पिपलौती कला में एक हजार और सिरसा गुर्जर में करीब 1100 बीघा भूमि व फसल प्रभावित हुई है। इन गांवों में करीब पांच हजार बीघा भूमि और फसल नदी में समा चुकी है।
गंगा के टापू या तटबंध के भीतर बसे गंगानगर, सतेड़ा की मढैया, धोरिया की मढैया और सिरसा गुर्जर की मढैया समेत धोरिया, दयावली, चक की मढैया, सतेड़ा, गंगाचोली, श्यामपुरी, पिपलौती, सिरसा गुर्जर, महमूदाबाद, महरपुर गुर्जर, शहबाजपुर गुर्जर, देहरी गुर्जर, जल्लोपुर, बिरामपुर, फूलपुर, जामन वाली, पौरारा, सिरसा कला, मलकपुर, मरौरा, ख्वाजेपुर, जीपपुर और मुबारिजपुर के किसान प्रभावित हैं।
एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि फसलों के नुकसान का आकलन कराया जाएगा और किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।