अंबेडकरनगर के मीरानपुर मोहल्ले में स्थित इस मस्जिद में रमजान के पवित्र माह को लेकर हुई विशेष साफ-सफाई।
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शब ए बरात के बाद से माहे रमजान का बेसब्री से इंतेजार कर रहे लोगों के लिए रमजान का चांद खुशी लेकर आया। आसमान में टकटकी लगाए बैठे लोगों को आसमान में छाए बादलों ने परेशान रखा, लेकिन बाद नमाजे मगरीब दिल्ली, देवबंद और लखनऊ से चांद दिखाई देने की तस्दीक के बाद मस्जिद से सायरन बजाकर माह-ए-रमजान की आमद का एलान किया गया।
शहर इमाम डॉ. तारिक हसन ने बताया कि, रमजान का महीना बरकत और रहमत लेकर आता है। बताया जाता है कि, इस दिन पवित्र किताब कुराने पाक दुनिया पर नाजिल हुई थी और रमजान माह में जन्नत के सभी दरवाजे खुल जाते हैं। इस लिहाज से मुस्लिमों में मुकद्दस बेहद खास है। शब ए बरात के बाद से मुस्लिम बड़ी बेसब्री से रमजान के चांद का इंतजार करते हैं। आखिर वह दिन आ ही गया।
बताया कि चांद की तस्दीक दिल्ली, लखनऊ, देवबंद और दीगर जगहों से की गई है। माह-ए-रमजान का चांद दिखाई दे गया है। इससे पहले शाम ढलते ही महिला, पुरुष और बच्चे मकानों की छतों पर चढ़ गए थे और आसमान की ओर टकटकी लगाए चांद को तलाशने लगे। लेकिन आसमान में बादल छाए रहने के कारण चेहरों पर मायूसी मिली। बाद नमाजे मगरीब जामा मस्जिद से चांद दिखाई देने का एलान सायरन बाजकर हुआ, तो खुशी से उछल पड़े। एक दूसरे को माह-ए-रमजान की मुबारकबाद दी।