अमरोहा। मलयेशिया में दौड़कर देश के लिए रजत पदक जीतने वाले 60 वर्ष के रामपाल सिंह को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सम्मानित किया। मंगलवार को पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जगदीश यादव ने ट्रॉफी और शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान यादव महासभा के प्रदेश महासचिव और जिला अध्यक्ष शामिल रहे। इसके लिए रामपाल सिंह ने दिल्ली सरकार का आभार जताया।
नौगांवा सादात के गांव मोहम्मदी माफी निवासी रामपाल सिंह गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार में पत्नी कस्तूरी देवी के अलावा तीन बेटे कावेंद्र कुमार, सोमदेव सिंह व दीपक कुमार हैं। कावेंद्र शिक्षक, सोमदेव लिपिक और दीपक सीआइएसएफ में दारोगा हैं। घर पर रामपाल सिंह पत्नी के साथ रहते हैं और बेटे अलग-अलग शहरों में हैं। युवावस्था से ही दौड़ लगाने के शौकीन रामपाल सिंह पूर्व में कई जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुके हैं। फरवरी 2022 में लखनऊ में हुई प्रदेश स्तरीय मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 8 मिनट 30 सेकेंड में 1500 मीटर दौड़ पूरी करके सोना जीता। जुलाई 2022 में बनारस में हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया और अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए 6.57 मिनट में 1500 मीटर की दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता था।
इसके बाद मलयेशिया के कुआलालंपुर में 16 व 17 सितंबर को हुई मलयेशियन इंटरनेशनल ओपन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शामिल हुए थे। मलयेशिया में वह तीन किलोमीटर दौड़ में 13 देशों के प्रतिभागियों के साथ शामिल हुए। मिजोरम ऑस्ट्रेलिया के प्रतिभागी ने गोल्ड और कंबोडिया के प्रतिभागी ने ब्रांज मेडल जीता था। जबकि उन्होंने रजत पदक जीता था। रामपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने उन्हें सम्मानित करने के आमंत्रित किया था। इसलिए वह दिल्ली पहुंचे और यहां पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जगदीश यादव ने ट्राफी दी और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान यादव महासभा के प्रदेश महासचिव उदयवीर सिंह यादव और जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह यादव शामिल रहे।