अमरोहा। रमजान के चांद का दीदार या तस्दीक नहीं हुई। इसके चलते रोजे का आगाज 14 अप्रैल से शुरू होगा। पहला रोजा बुधवार को है। वहीं तरावीह की शुरुआत मंगलवार की ईशा के नमाज के बाद शुरू हो जाएगी। यह सिलसिला रमजान के आखिरी अशरे तक चलेगी।
मंगलवार को शहर से लेकर देहात में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रमजान को लेकर तैयारियों को आखिरी रूप दिया गया। सुबह से शहर के नौबत खाना, बड़ा बाजार, लकड़ा, कुरैशी, नल, सराय कोहना, जामा मस्जिद, बाजार रज्जाक आदि मोहल्ले में चहल पहल रही। सेहरी और इफ्तार के लिए सामानों की खरीदारी की गई। इसके अलावा फेनी, खजला, डबल रोटी के लिए दुकानों में ऑर्डर दिए गए हैं। कई दुकानों ने पसंदीदा शीरमाल को तैयार करने का ऑर्डर दिया है। मगरिब सूर्यास्त की अजान फिजा में गूंजने के साथ ही मस्जिदों में लोग नमाज के लिए गए।
उन्होंने जमाअत के साथ नमाज अदा किए। इसके बाद रमजान के चांद के दीदार के लिए आसमान में नजर जमाएं लेकिन चांद का दीदार नहीं हो सका। इसके अलावा कहीं से चांद की तस्दीक नहीं हो सकी। दरअसल शाबान की 29 तारीख थी इसके चलते लोगों को उम्मीद थी कि चांद का दीदार हो सकता है। अब रमजान के रोजे का आगाज 14 अप्रैल से शुरु होगा। वहीं मंगलवार की रात ईशा की नमाज के बाद तरावीह शुरु हो जाएगी।