फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमरोहा: गजरौला के राम सिंह ने बना दिया रेडियो का संग्रहालय

Mon, 13 Feb 2023 01:37 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
गजरौला(अमरोहा)। आज मोबाइल ने रेडियो को गायब कर दिया है, लेकिन नाईपुरा के बुद्ध नगर मोहल्ला निवासी राम सिंह बौद्ध ऐसे शख्स हैं जिन्होंने रेडियो का ही संग्रहालय बना दिया है। इनके संग्रहालय में करीब 11 सौ रेडियो हैं। राम सिंह बौद्ध 1976 में उत्तर प्रदेश भंडारण निगम में बतौर लिपिक पद पर नियुक्त हुए थे। 39 साल की नौकरी के बाद जुलाई 2015 में वरिष्ठ अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद उन्होंने 2016 में उपभोक्ता न्यायालय में सदस्य पद पर नौकरी की। जुलाई 2021 में इस पद से सेवानिवृत्त हुए। रेडियो और पुराने उपकरण को सहेजकर रखने और लाने के शौक ने उनको गिनीज बुक के विश्व रिकार्ड के करीब पहुंचा दिया है। उनके संग्रहालय में 11 सौ तरह के रेडियो हैं।
विज्ञापन

उनका कहना है कि नौकरी के दौरान तैनाती मुरादाबाद, संभल, हापुड़, साहिबाबाद, हल्द्वानी, रामपुर और कासगंज में रही। घूमने, अखबार और किताब पढ़ने का शौक है। भ्रमण के दौरान उनके मन में विचार आया कि लुप्त होते जा रहे उपकरणों को सहेजने के लिए संग्रहालय होना चाहिए। इसके बाद एकत्र करना शुरू कर दिया।

देश की आजादी की कहानी बयां करता अखबार बढ़ा रहा देश भक्ति
राम सिंह बौद्ध के संग्रहालय में दुर्लभ सिक्कों, पुस्तकों, उपकरणों के साथ ही हमारी आजादी की कहानी कहने वाले अखबार भी रखे हैं। उन्होंने बताया कि देश को आजाद होने पर अगले दिन जो अखबार प्रकाशित हुआ, उसकी प्रति उनके संग्रहालय में उपलब्ध है। इससे पहले अखबार भी उनके यहां उपलब्ध हैं।
विज्ञापन


फिलहाल एम प्रकाश के नाम है सबसे ज्यादा रेडियो रखने का रिकॉर्ड
राम सिंह बौद्ध ने बताया कि अपने संग्रहालय में तरह-तरह के 625 रेडियो रखने के लिए वर्ष-2005 में एम प्रकाश का नाम गिनीज बुक में दर्ज किया गया था। एम प्रकाश के संग्रहालय में और कोई उपकरण नहीं था, जबकि हमारे के तीन कमरों के संग्रहालय में विभिन्न कंपनियों के 11सौ रेडियो हैं। इनमें कई रेडियो करीब सौ साल पुराने हैं।

ये भी हैं उनके संग्रहालय में
वर्ष 1931 की सिनेमा की बोलती फिल्म की दो सौ रील, सौ साल पुराने पांच कैलकुलेटर, सौ साल पुरानी तरह-तरह की 50घड़ी, 300-400 साल पुरानी 300 पांडुलिपि, ढाई सौ साल पुरानी सांस्कृतिक से लेकर ऐतिहासिक पुस्तकें। 12 पॉकेट टीवी सहित विभिन्न टेलीविजन, ग्रामोफोन, अंग्रेजी साम्राज्य से लेकर आधुनिक दौर के 25 सौ दुर्लभ सिक्के उनके संग्रहालय में उपलब्ध हैं। बिना हत्थे की तांबे की दो कुल्हाड़ी, महिलाओं के एक हजार साल पुराने तांबे के आभूषण, चार सौ वर्ष पुरानी हस्त लिखित श्रीमद्भागवत गीता, 1900 में प्रकाशित विश्व की सबसे छोटी बाइबिल भी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें