गजरौला (अमरोहा)। गुड्स प्लेटफार्म पर मालगाड़ियों से उतरने वाले बजरपुट और बजरी से निकलने वाली धूल चार हजार की आबादी के लिए परेशानी का सबब बनी है। इस धूल से आबादी को बचाने के लिए रेलवे गुड्स प्लेटफार्म के किनारे छह मीटर ऊंची टिन की दीवार बनवाएगा। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा।
रेलवे स्टेशन के लाइन-6 पर 765 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा गुड्स प्लेटफार्म बनाया जा रहा है। जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। निर्माणाधीन प्लेटफार्म पर मालगाड़ियों का आना जाना बरकरार है। जिनमें बाहर से गेहूं और रासायनिक खाद आता है। इसके अलावा हाईवे से लेकर अन्य मार्गों में इस्तेमाल किए जा रहे पत्थर को भी मालगाड़ी से ही मंगाया जाता है। बजरी, बजरपुट लाने का जरिया भी मालगाड़ी ही है। गुड्स प्लेटफार्म के किनारे बसे सैफी नगर और शांति नगर के लोगों को उस वक्त खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जब मालगाड़ियों से उतरने वाले बजरी, बजरपुट और डस्ट से उड़ने वाली धूल आसमान में छा जाती है। सैफी नगर के निजामुद्दीन, सतेंद्र सिंह, नेमपाल सिंह, अंजार और शांति नगर मोहल्ला निवासी संग्राम सिंह, विनोद कुमार और जोगेंद्र सिंह का कहना है कि मालगाड़ी से बजरी, बजरपुट, पत्थर और डस्ट उतरते समय खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी कभार तो धूल से दिन में भी दिखना बंद हो जाता है और दम घुटने लगता है। आबादी को धूल से बचाने के लिए रेलवे ने गुड्स प्लेटफार्म किनारे-किनारे छह मीटर ऊंची टीन की दीवार बनवाने का निर्णय लिया है। इससे माल उतरते समय निकलने वाली धूल सैफी नगर व शांति नगर की तरफ जाने से रुकेगी। लोगों को खासा सुकून मिलेगा। स्टेशन अधीक्षक देवेंद्र सिंह का कहना है कि सैफी नगर व शांति नगर मोहल्ले को धूल से बचाने के लिए जल्द ही टीन की दीवार बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।