अमरोहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में खाद्य सामग्री बेचने के लिए लाइन दूसरी खड़े युवक
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अमरोहा। अमरोहा रेलवे स्टेशन पर करीब आठ महीने से कैंटिन और स्टाल बंद हैं। यात्रियों को चायपानी के लाले हैं। बावजूद इसके लंबी रूट की ट्रेनों में अवैध वेंडर खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। ये वेंडर कहां से आते हैं और खाद्य सामग्री कहां बनाते हैं, ये पता नहीं, लेकिन ट्रेनों में यात्रियों के बीच अपना सामान बेचकर ट्रेन के जाने के साथ ही चलते बनते हैं। जबकि आरपीएफ दावा करती है कि स्टेशन पर अवैध वेंडर नहीं हैं। वहीं स्टेशन पर सुविधा नहीं मिलने पर ट्रेनों में सवार यात्री इनसे सामान लेने को मजबूर हैं। ट्रेन आने पर ही अवैध वेंडर दांए-बांए से घूमकर ट्रेन में चढ़ जाते है। खानपान का सामान बेचना शुरू कर देते है।
अवैध वेंडरों के खिलाफ चलाते हैं अभियान
अमरोहा। आरपीएफ इंचार्ज वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि अवैध वेंडर के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलता रहता है। विभाग की ओर से टीमें बनी हुई है। जो ट्रेनों में भी चेंकिग करती है। तीन दिन पहले एक अवैध वेंडर पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल स्टेशन पर अवैध वेंडर नहीं है।
प्लेटफार्म नंबर दो आने वाली ट्रेनों पर रहती है नजर
अमरोहा। जबकि अमरोहा रेलवे स्टेशन पर वेंडरिंग का लाइसेंस आठ महीने से कैसिंल चल रहा है। बावजूद इसके भी अवैध वेंडर खानपान का सामान धड़ल्ले से बेच रहे है। नियम के मुताबिक रेलवे स्टेशन पर खानपान की सुविधा देने के लिए रेलवे की ओर से ठेका दिया जाता है। जिसके बाद वेंडर को मेडिकल कार्ड और आई कार्ड दिया जाता है। जिसके बाद वैध वेंडर ही सामान को बेच सकता है। लेकिन अमरोहा स्टेशन से बिना लाइसेंस के अवैध वेंडर चोरी छिपे प्लेटफार्म संख्या दो से आने वाली ट्रेनों में चढ़कर धड़ल्ले से सामान बेचने ट्रेन में चढ़ जाते है।