आदमपुर थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी रहरा को थाना बनाने की कवायद वर्षों से चल रही थी। छह साल पहले सरकार ने इस पर मुहर लगा दी थी। स्थानीय लोगों केे मुताबिक अंग्रेजी हुकूमत में 1874 से 1924 तक 50 साल रहरा में थाना रहा था। रहरा गंगा के खादर में था। बारिश के मौसम में बाढ़ आने पर मुरादाबाद से घुड़सवार अंग्रेजों और अफसरों को रहरा पहुंचने में दिक्कत होती थी। चीनी मिल के निदेशक सतेंद्र त्यागी ने बताया कि 1924 में भयंकर बाढ़ आई थी, जिसके बाद 1925 में रहरा थाने को आदमपुर शिफ्ट कर दिया गया था।
रहरा में जिस स्थान पर अंग्रेजी हुकूमत में थाना था। उसे चौकी के रूप में संचालित किया जाने लगा। हालांकि, चौकी का स्थान बाढ़ के पानी की वजह से कई बार इधर-उधर किया गया, लेकिन बाद में उसी मूल स्थान पर चौकी संचालित की गई। 2020 के सितंबर माह में 95 साल बाद रहरा में दोबारा थाना बन गया। गांव दौरारा में रहरा थाने का आधुनिक भवन बनकर तैयार हो गया है। इसके हैंडओवर की तैयारी की जा रही है। जल्द ही थाने के नए भवन में थाना संचालित होना शुरू हो जाएगा। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि जल्द ही नए भवन में रहरा थाने को शिफ्ट किया जाएगा।