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वर्दी पर उठते सवाल: अवैध हिरासत, वसूली और लापरवाही पर लगातार कार्रवाई

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अमरोहा। जिले में वर्दी पर दागों की कहानियां सामने आ चुकी हैं। कार्रवाई भी हुई। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों की मनमानी नहीं रुक रही। जिले की पुलिस कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीते कुछ समय में पुलिसकर्मियों पर अवैध हिरासत, वसूली, लापरवाही और मारपीट जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे खाकी की छवि धूमिल होती नजर आ रही है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि विभाग में लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मियों को पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभानी होगी, अन्यथा सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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मामला एक-

ताजा मामला रहरा थाना क्षेत्र के परोरा गांव का है, जहां किसान रामदास को दुष्कर्म के एक कथित झूठे मामले में पुलिस ने 24 घंटे से अधिक समय तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति जितेंद्र ने एक महिला के माध्यम से रामदास को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस ने 20 मार्च को रामदास को थाने लाकर बैठा लिया। इस दौरान समझौते के नाम पर परिवार से एक लाख रुपये नकद और 35 हजार रुपये यूपीआई के जरिए वसूले गए। मामले की शिकायत होने पर जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसपी ने 27 मार्च को तत्कालीन थानाध्यक्ष बृजेश कुमार को निलंबित कर दिया।
मामला दो-
इससे पहले तिगरी मेले जैसे संवेदनशील आयोजन में ड्यूटी से नदारद रहने पर चार दरोगा समेत 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भारी भीड़ के बावजूद कई पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी प्वाइंट से गायब थे, जो गंभीर लापरवाही मानी गई।
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मामला तीन-
मंडी धनौरा में भाजपा विधायक राजीव तरारा की कार पर पथराव की घटना में भी पुलिस की देरी सवालों में रही। घटना के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जिस पर कार्रवाई करते हुए एसएसआई सतीश मौर्या, चौकी इंचार्ज जुगल किशोर और सिपाही अंकुश को निलंबित किया गया।
मामला चार-
अवैध खनन के मामले में भी सख्त कदम उठाए गए। मुनव्वरपुर चौकी प्रभारी विनोद कुमार राठी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया, जबकि देहात थाना प्रभारी प्रमोद कुमार को लाइन हाजिर किया गया था। जांच में खनन में संलिप्तता के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए थे।
मामला पांच-
इसके अलावा शहर में हैंडलूम कारोबारी गुफरान और प्रॉपर्टी डीलर राहिल उस्मानी की मौत के मामलों में लापरवाही बरतने पर एसएसआई अभिलाष प्रधान और अपराध निरीक्षक रणदीप पुंडीर को भी निलंबित किया गया।
मामला छह-
रजबपुर क्षेत्र में दुकानदार और उसके बेटों के साथ मारपीट के आरोप में कांस्टेबल राहुल भाटी और विजय पर भी कार्रवाई की गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
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