जिला अस्पताल में क्वालिटी मैनेजर से नोकझोंक करते सफाई कर्मी।
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कम मेहनताना मिलने व मुंशी की हरकत पर संविदा सफाई कर्मी भड़क गए। सुबह काम बंद कर हड़ताल पर चल गए। ठेकेदार के मुंशी से तीखी नोकझोंक हुई। जिससे जिला अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। बाद में क्वालिटी मैनेजर व मुंशी को कर्मियों ने घेर लिया।
एक ओर जहां मैनेजर उनको समझाने की कोशिश करती रहीं, वहीं कर्मी मुंशी को खरी-खोटी सुनाते रहे। कर्मियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई। सभी कर्मियों को जैसे तैसे मैनेजर ने समझाया और काम पर लौटने के लिए कहा। उनकी बात पर कर्मी सहमत हो गए।
जोया रोड किनारे स्थित जिला अस्पताल में आल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने लेबर का ठेका ले रखा है, जिसके तहत कंपनी ने अस्पताल में साफ सफाई के तहत 13 संविदा कर्मचारी रखे हैं, लेकिन 12 घंटे ड्यूटी करने पर उनको चार हजार रुपये मानदेय दिया जाता है। सफाई का मुंशी दबाव बनाता रहता है। महिला कर्मियों से फर्श के साथ ही छत के पंखों की सफाई करने को कहता है।
मंगलवार को कर्मचारियों का सब्र जवाब दे गया। सफाई कार्य बंद कर सभी कर्मी हड़ताल पर चले गए। मुंशी वीरेंद्र कुमार को देखते ही पारा चढ़ गया। जमकर झड़पें हुईं। शोर शराबा होने पर तमाम कर्मचारी भी पहुंच गए। इसी दरम्यान क्वालिटी मैनेजर भी वहां आ गईं। सभी कर्मियों को समझाने लगीं।
कर्मियों ने मुंशी पर तरह-तरह के आरोपों की बौछार कर दी। इसके बाद कक्ष में बैठे मुंशी व क्वालिटी मैनेजर का घेराव किया। मैनेजर के सामने ही कर्मचारियों ने अपनी भड़ास मुंशी पर निकाली। तेवर देखकर मैनेजर ने उनको समझाकर शांत किया। इधर सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण अस्पताल में जहां तहां गंदगी नजर आई।