अमरोहा। सात साल पहले अपहरण के बाद किशोरी से दुष्कर्म के दोषी झोलाछाप को कोर्ट ने सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर बाहर था। कोर्ट का फैसला आने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के एक गांव में हुई थी। गांव में मुरादाबाद जिले के कांठ थानाक्षेत्र के रवतापुर नवादा का रहने वाला शमीम गांव में डॉक्टर की दुकान करता था। 11 जुलाई 2019 को शमीम गांव निवासी किसान की 16 वर्षीय बेटी को बहलाकर प्रयागराज ले गया। इस मामले में किसान ने शमीम के खिलाफ किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित किसान ने समीम के घर जाकर बेटी के बारे में पूछा तो उसके परिजनों ने भी गालियां दीं। जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया था।
इसी बीच किसान और उनके परिजनों ने शमीम को इलाहाबाद हाईकोर्ट के गेट से पकड़ लिया। उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी को भी बरामद कर लिया था लेकिन शमीम ने अपने अपहरण करने की बात कहकर किशोरी के पिता समेत छह लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा लिखवा दिया। इस मामले में इलाहाबाद कैंट थाना पुलिस ने किशोरी के पिता समेत सभी छह लोगों को शमीम के अपहरण की कोशिश में जेल भेज दिया था।
पुलिस ने दर्ज किए थे किशोरी के बयान
नौगांवा सादात पुलिस ने किशोरी के बयान दर्ज कराए जिसमें किशोरी ने शमीम पर बहलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इसके बाद नौगांवा सादात पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की और आरोपी शमीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था। प्रयागराज में दर्ज हुए मुकदमे से जमानत पर छूटकर आए किशोरी के परिजनों ने मुकदमे की पैरवी की।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक बसंत सिंह सैनी बसंत सिंह सैनी पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई करते हुए साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी शमीम को दोषी करार दिया। साथ ही उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।