चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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हत्या के एक मामले में अदालत ने दोषी पिता पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख सात हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव लंबिया निवासी विजयपाल सिंह पुत्र रघुवीर सिंह ने 30 अप्रैल 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सुबह अपने भाई अजयपाल के साथ क्षेत्र के ही गांव सरकड़ा कमाल स्थित रिश्तेदारी से 50 हजार रुपये लेकर बाइक से घर लौट रहा था। रास्ते में गांव के ही कमलवीर पुत्र गनपत, उपेंद्र सिंह उर्फ पिंटू पुत्र कमलवीर, चरन सिंह, महकार पुत्र गनपत ने उनको रोक लिया और जान से मारने की धमकी दी। इस पर दोनों भाईयों ने भवालपुर पुलिस चौकी पर जाकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी।
इसके बाद दोनों भाई घर लौट रहे थे कि रास्ते में उपरोक्त लोगों ने घेर लिया। आरोपी उपेंद्र ने तबल से प्रहार कर अजयपाल को जख्मी कर दिया। इसके बाद कमलवीर व उपेंद्र ने उसके सीने पर बल्लम से ताबड़तोड़ प्रहार किए। अस्पताल में इलाज के दौरान अजयपाल की मौत हो गई। तब से यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में विचाराधीन था। न्यायाधीश अरविंद दुबे ने मामले की सुनवाई की।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता निशात अकरम फारूकी ने तमाम दलीलें व साक्ष्य पेश किए। इस पर न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सुबूतों व गवाहों की गवाही का अवलोकन किया और पिता पुत्र को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व पिता कमलवीर को 55 व बेटे उपेंद्र सिंह उर्फ पिंटू को 52 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का हुक्म सुनाया। अन्य दो आरोपियों को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया।