फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रस्तावित आरक्षण सूची का प्रकाशन, गांवों में बढ़ गई राजनीतिक हलचल

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत के वार्डों के आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन शनिवार को हो गया। इसकी सूची डीपीआरओ, बीडीओ, तहसीलों में प्रकाशित कर दी गई। इन पदों के आरक्षण को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का मौका 23 मार्च तक है। कोई भी व्यक्ति 21,22 और 23 मार्च को आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्तियों का परीक्षण और निस्तारण 24 और 25 मार्च के बीच होगा। इसके साथ अंतिम प्रकाशन 26 मार्च को होगी।
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायती राज विभाग 2015 के आरक्षण के आधार पर सीटों के प्रस्तावित आरक्षण के लिए शनिवार को जुटा रहा। डीपीआरओ वाचस्पति झा और अपर मुख्य अधिकारी हरमिक सिंह ने दोपहर तक प्रस्तावित सूची तैयार कर ली। इसके बाद यह लोग औपचारिकता पूरी करने के बाद डीएम उमेश मिश्र के पास सूची लेकर पहुंचें। सामाजिक आर्थिक और जातिगत गणना 2011 और रैपिड सर्वे के आधार पर सीटों के प्रस्तावित आरक्षण तय किए गए हैं। शाम लगभग छह बजे डीएम उमेश मिश्र के हस्ताक्षर के बाद विभिन्न पदों के आरक्षण की प्रस्तावित सूची जारी कर दी गई है।
इस तरह किए गए पदों के लिए आरक्षण के नियम
अमरोहा। ग्राम प्रधान, बीडीसी सीटों के लिए आरक्षण के नियम बेहद आसान है। उदाहरण के तौर पर अमरोहा ब्लॉक में ग्राम प्रधान के 117 पद हैं। निदेशालय की ओर से सभी वर्ग के सीट तय हैं। यहां पर अनुसूचित जाति के लिए 20 सीट आरक्षित हैं। सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि सबसे पहले अनुसूचित जाति के सर्वाधिक आबादी वाले गांव का चयन किया गया है। निदेशालय से प्राप्त संख्या के लिए शुरुआती 20 ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। अनुसूचित जाति की महिलाओं को एक तिहाई ग्राम पंचायतें आरक्षित करनी है। ऐसे में शुरुआती सात ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ब्लॉक में 31 सीट आरक्षित हैं। ऐसे में ब्लॉक में अन्य पिछड़ा वर्ग की सर्वाधिक आबादी वाले 31 ग्राम पंचायतों का चयनित की गई है। अब 97 ग्राम पंचायतों में 31 ऐसी ग्राम पंचायत का चिन्हित की गई है, जिनमें अन्य पिछड़ा वर्ग के लोग रहते हैं। इसमें भी एक तिहाई अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। शुरुआती 11 ग्राम पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। इसके बाद 66 ग्राम पंचायतों में महिलाओं के लिए एक तिहाई यानी 22 ग्राम पंचायतें आरक्षित करनी है। महिलाओं के लिए सीटों के निर्धारण में सामान्य वर्ग के घटते हुए क्रम किया गया है। खास बात है वर्ष 2015 में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट को उनके लिए 2021 में आवंटित नहीं करनी है। इसके बाद 44 ग्राम पंचायतें अनारक्षित हो गई हैं। जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुख और ग्राम पंचायत सदस्यों के आरक्षण के लिए नियम अपनाए गए हैं।
विज्ञापन

बीडीओ, जिला पंचायत और डीपीआरओ कार्यालय में आपत्ति करें जमा
अमरोहा। ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख के पद के आरक्षण पर आपत्ति जमा किए जाएंगे। जिले के सभी बीडीओ कार्यालय में काउंटर खोलने को कहा है ताकि सीटों के प्रस्तावित आरक्षण पर आपत्ति एकत्र की जा सके। गांव के लोगों को कलेक्ट्रेट तक जाने की जरुरत नहीं पड़ें। इसके अलावा अपर मुख्य अधिकारी-जिला पंचायत और डीपीआरओ कार्यालय में भी आपत्ति जमा कर सकते है। इसके साथ ही सीडीओ और कलेक्ट्रेट में भी जमा करने की सुविधा है।
सीटों के आरक्षण पर आशंका है तो डीपीआरओ से संपर्क करें
डीपीआरओ वाचस्पति झा ने बताया कि सीटों के आरक्षण का अनंतिम प्रकाशन शासनादेश के अनुरुप किया गया है। सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 और प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए रैपिड सर्वे के आधार पर ग्राम प्रधान, बीडीसी सीट आरक्षित होगी। रैपिड सर्वे में अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या है जबकि सामाजिक आर्थिक और जातिगत गणना 2011 में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या है।
यहां दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
डीएम कार्यालय, डीपीआरओ कार्यालय, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के कार्यालय के अलावा संबंधित क्षेत्र के बीडीओ के कार्यालय में जमा कर सकते हैं। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक आपत्ति जमा करने की सुविधा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें