एक बार फिर जोया कस्बे में उपभोक्ताओं की भीड़ बेकाबू हो गई। आपाधापी में उपभोक्ताओं ने एचडीएफसी बैंक के गेट का शीशा तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गए। जबरदस्त खींचतान को देखते ही कर्मचारियों के होश फाख्ता हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालातों पर काबू पाया। लाइन में लगवाकर उपभोक्ताओं के नोट जमा कराए। तीसरे दिन में शीशा टूटने की यह दूसरी घटना है। बैंक कर्मियों में दहशत का माहौल है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के कस्बा जोया की एचडीएफसी बैंक में बुधवार की सुबह एकाएक उपभोक्ताओं की भीड़ टूटकर पड़ी। पहले वे लाइन में लगकर बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब संख्या बढ़ी तो आपाधापी मचने लगी। हर कोई पहले 500 व 1000 के नोट जमा करने की फिराक में जुट गया। लाइन में लगे उपभोक्ताओं के बीच जल्दबाजी के फेर में नोकझोंक होने लगी। धक्का मुक्की से स्थिति बदल गई। गुस्से में आए उपभोक्ताओं की भीड़ ने ऐसा धक्का मारा कि बैंक के गेट का शीशा टूटकर जमीन पर बिखर गया।
शोरगुल होते ही अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों ने व्यवस्था को संभालते हुए पुलिस को खबर की। थोड़ी देर में ही वर्दीधारी घटनास्थल पर आ गए। लोगों को बैंक से बाहर निकालकर लाइन में खड़ा किया। हंगामा करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी। बता दें कि सोमवार को भी इसी बैंक का शीशा तोड़ की उपभोक्ता बैंक में घुस गए थे। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी अजित रोरिया ने बताया कि मामला संज्ञान में है। बैंक स्टाफ की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। इसलिए किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
बैंकों में नई करेंसी ज्यादा नहीं पहुंच पाई है। जो भी आई है, उसको बांट दिया गया है। कम होने की वजह से जल्दी खत्म हो रही है। बार-बार डिमांड की जा रही है। जैसे आएगी, वैसे बैंकों को बांट दी जाएगी। जिलाधिकारी को भी हालातों से अवगत कराष दिया गया है। केसी बोहरा, लीड बैंक मैनेजर
महिला दरोगा से झड़प, रुपये नहीं मिलने पर झल्लाए उपभोक्ता
प्रथमा बैंक द्वारा रुपये नहीं देने पर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस से तीखी नोकझोंक व हंगामा किया। महिला दरोगा की महिलाओं से तीखी झड़पें हुईं। जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए मार्ग जाम कर दिया। पता चलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। डंडा फटकारते हुए पुलिस ने भीड़ को तितर बितर किया। इसके बाद ही सड़क पर आवागमन सुचारु हुआ।
बुधवार की सुबह करीब दस बजे उपभोक्ता शहर के मोहल्ला लकड़ा चुंगी स्थित प्रथमा बैंक शाखा पर पहुंचे। जहां पर उन्हें पता चला कि बैंक में रुपये नहीं है। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद उपभोक्ताओं का सब्र जवाब दे गया। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन चालू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बैंक में रुपये नहीं है, जबकि घर का सामान खरीदने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। बगैर करेंसी खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही है।
बच्चों की फीस तक नहीं भरी जा रही है। विद्यालय स्टाफ उनको तंग कर रहा है। प्रदर्शन के बाद उपभोक्ताओं ने बिजनौर मार्ग पर बैंक के सामने जाम लगा दिया और जोरदार हंगामा किया। अब जब ये खबर पुलिस अधिकारियों को मिली तो खलबली मच गई। आनन-फानन में पुलिस कर्मी गाड़ी लेकर जाम स्थल पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने डंडा फटकारकर लोगों की भीड़ को सड़क से हटाया। इसके बाद लाइन में लगवाकर एक-एक उपभोक्ता को बैंक में रुपये जमा करने के लिए भेजा। प्रदर्शन में शकील, सायरा, वकील, रेशमा, नगला, मोहम्मद कासिम, हसीना, उस्मान, सोनी, नूरजहां रहे।