गजरौला (अमरोहा)। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आह्वान पर गजरौला में किसान सवा दो घंटे रेल ट्रैक पर धरना देकर डटे रहे। हालांकि इस दौरान कोई ट्रेन नहीं गुजरी। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को सौंपकर धरना समाप्ति की घोषणा कर दी गई।
गुरुवार को भाकियू (टिकैत) का गजरौला में भानपुर रेलवे क्रासिंग पर रेल रोकने का कार्यक्रम था। इसके लिए सुबह से ही आरपीएफ, थाना पुलिस, जीआरपी के साथ ही खुफिया तंत्र भी वहां मुस्तैद हो गया था। पूर्वाह्न सवा 11 बजे जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह रेलवे फाटक से पूर्व सेल्फी प्वाइंट के सामने आए और किसान यहीं दरी बिछाकर सड़क पर बैठ गए। 12 बजे किसान शीशपाल सिंह वहां से दरी उठाकर हाईवे की ओर लेकर जा रहे थे लेकिन इंस्पेक्टर आरपी शर्मा के अनुरोध पर मान गए। इसके बाद वहीं किसानों की पंचायत शुरू हो गई। अपराह्न एक बजे किसान वहां से उठकर रेलवे ट्रैक पर आ गए और धरना देकर बैठ गए। लगभग सवा दो घंटे चली पंचायत में तीन कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने और एमएसपी पर गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की गई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी खेती-किसानी से विमुख हो रही है। यह अच्छा संकेत नहीं है। यदि किसानों का उत्पीड़न ऐसे ही जारी रहा तो भारत कृषि प्रधान देश के रूप में विश्वविख्यात अपनी पहचान को खो देगा। अपराह्न तीन बजकर दस मिनट पर उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम विनय कुमार सिंह और एएसपी अजय प्रताप सिंह को सौंप दिया। इसके बाद धरना समाप्ति की घोषणा कर किसान अपने घरों को लौट गए।