अमरोहा। कृषि कानूनों के विरोध में बुधवार को विभिन्न किसान संगठन के पदाधिकारियों ने जिले भर में 15 स्थानों पर आंदोलन किया। पांच जगहों पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। जबकि एक जगह कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गईं। कुल नौ जगह किसानों ने काली पट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा सरकार को पूंजीपतियों की समर्थक बताया। किसानों ने कानून वापस होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आवहान बुधवार को भाकियू टिकैत गुट समेत विभिन्न किसान संगठनों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान टिकैत गुट के गुरमीत सिंह उर्फ चन्चू के नेतृत्व में किसानों ने जलीलपुर मूंगरा धनौरा में अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाए। गांव के बाहर आने वाले रास्ते पर समय हाथों में काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया गया। जोया ब्लाक अध्यक्ष चौधरी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में डिडौली के कपासी गांव में किसानों ने घरों पर काले झंडे लगाए। अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। अमरोहा ब्लाक अध्यक्ष चौधरी नरेंद्र सिंह की देखरेख में तमाम किसान नाजरपुर खुर्द गांव स्थित किसान भवन पर एकत्र हुए। गेट पर काले झंडे लगाकर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इसके बाद केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।
हसनपुर तहसील अध्यक्ष महेश ठाकुर के नेतृत्व में किसान रहरा के सैनियों वाली मड़ैया गांव में एकत्र हुए। यहां अपने घरों पर काले झंडे लगाकर एवं अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसके बाद केंद्र सरकार का पुतला फूंका। जिला उपाध्यक्ष श्योवीर सिंह की देखरेख में तमाम किसानों ने धनौरा मंडी स्थित होली पार्क पर एकत्र होकर काले झंडे लगाए। अपनी बांहों पर पट्टी बांधकर काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। टिकैत गुट के नौगांवा तहसील अध्यक्ष सुधाकर सिंह अलीपुरा गांव में काले झंडे लगाकर विरोध जताया। टिकैत गुट के ब्लाक अध्यक्ष काले सिंह के नेतृत्व में किसान रजबपुर के हफीजपुर गांव में एकत्र हुए। यहां अपने घरों पर काले झंडे लगाकर प्रदर्शन किया। टिकैत गुट के गंगेश्वरी ब्लाक अध्यक्ष टीटू त्यागी के नेतृत्व में सिमथला गांव के रहरा में अपने घरों पर काले झंडे प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार का पुतला फूंका। वहीं राष्ट्रीय लोक दल के पदाधिकारियों ने काला दिवस मनाया। जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ काला दिवस का समर्थन किया।