फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चालीस मिनट जोया टोल पर रहा किसानों को कब्जा, नारेबाजी

विज्ञापन
विज्ञापन
रजबपुर (अमरोहा)। नए कृषि कानूनों पर किसानों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर शनिवार को भाकियू असली के नेताओं ने जोया टोल प्लाजा पर कब्जा कर लिया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों के रहते चालीस मिनट तक सैकड़ों वाहन बिना टोल कटाए निकले गए। सुरक्षा के लिहाजा से टोल के इर्द-गिर्द भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। जबकि, सुबह में विभिन्न किसान संगठनों के कई किसान नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। आक्रोशित किसानों ने कानूनों के वापस लेकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। डीएम और एसपी किसानों के बीच पहुंचे। किसानों को समझाकर शांत किया। बाद में किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर आंदोलन खत्म कर दिया।
विज्ञापन

शनिवार को कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन असली का टोल फ्री आंदोलन प्रस्तावित था। जिसके तहत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान नेशनल हाईवे स्थित जोया टोल प्लाजा के पास एकत्र हुए। यहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टोल पर पहुंचे और अपना कब्जा कर लिया। सुरक्षा के लिहाज से अतरासी से जोया के बीच टोल प्लाजा के इर्द-गिर्द तीन सौ मीटर एरिया में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रहा। किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चौधरी महावीर सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है। यह अडानी-अंबानी की सरकार है। किसानों को बर्बाद कर पूंजीपतियों का घर भरने का कार्य कर रही है। सरकार को तत्काल किसान विरोधी तीनों कानून वापस करने ही पड़ेंगे। साथ ही किसान हितों में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को शीघ्र की जाए।
ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी रविंदर सिंह ने कहा कि सरकार गन्ने का समर्थन मूल्य लागत के अनुसार 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करें। किसानों द्वारा टोल कब्जाने की सूचना मिलते की डीएम उमेश मिश्रा और एसपी सुनीति मौके पर पहुंच गए। दोनों अफसरों ने आक्रोशित किसानों को समझाकर शांत किया। करीब साढ़े बारह बजे किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर आंदोलन खत्म कर दिया। इस दौरान भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी उम्मेद सिंह, अनिल कुमार, चौधरी जयकीरत सिंह आदि किसान मौजूद थे। इससे पहले भाकियू भानू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह को उनके घर सीओ धनौरा सत्येंद्र सिंह, रजबपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने उन्हें नजरबंद कर लिया था। किसानों ने यह टोल फ्री आंदोलन और मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें