अमरोहा। बिजली निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को रद्द करने समेत अन्य मांगों को लेकर इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बुधवार को कार्य बहिष्कार किया। इसके चलते कार्यालयों में काम काज ठप रहा। ग्रेटर नोएडा में निजीकरण और आगरा के फ्रेंचाइजीकरण को निरस्त करने की मांग को दोहराया। मांग की कि अवकाश में आपात स्थितियों को छोड़ कर काम न लिया जाए। इसके अलावा बिजली कंपनियों के एकीकरण कर राज्य विद्युत परिषद (एसईबी) के गठन की मांग बुलंद की।
कलक्ट्रेट बिजली घर में आयोजित कार्यक्रम में अधीक्षण अभियंता रजत जुनेजा ने कहा कि बिजली संशोधन बिल को वापस लिया जाए। यह ग्राहक और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। अधिशासी अभियंता अश्वनी चौधरी ने कहा कि बिजली कंपनियों का एकीकरण कर राज्य विद्युत परिषद का गठन करें क्योंकि बिजली निगम को सरकारी दर्जा मिलने से कई तरह के फायदे होंगे। एसडीओ अरविंद नागर ने कहा कि निजीकरण के प्रस्ताव स्टैंडर्ड बिल्डिंग डॉक्यूमेंट को तत्काल रद्द किया जाए। पुरानी पेंशन की बहाली हर हाल में करें। एसडीओ सुरेंद्र यादव ने कहा कि नियमित पदों पर भर्ती किया जाए। संविदा और निविदा पर तैनात कार्मिकों को नियमित किया जाए। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पर प्राथमिकता के साथ भर्ती प्रक्रिया शुरू कराए। वेतन विसंगतियों को दूर करें। इस दौरान अधिशासी अभियंता पीपी सिंह, अनिल कुमार और हरीश चौधरी के अलावा, संजय सैनी, गुरुदेव सिंह, तौहीद अकबर, चंद्रप्रकाश, कार्तिक कमल, शिवम, कमल, दयाल कुलश्रेष्ठ, नरेंद्र कुमार, अशोक, अनिल, मुन्सब, दीपक, उदयराज, नीरज, कावेंद्र, अमित आदि रहे।