ज्ञापन में सीएम से दक्षिणांचल व पूर्वांचल वितरण निगमों के निजीकरण के प्रयासों पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट प्रति माह नि:शुल्क दिए जाने व स्मार्ट मीटर योजना रद्द किए जाने की भी मांग की। इसके अलावा सिंचाई के लिए किसानों को निर्बाध 18 घंटे बिजली आपूर्ति कराने, किसानों से वसूले जाने वाले कई तरह के चार्ज को बंद करने और निजी बिजली कंपनियों से बिजली खरीदने व बिजली विभाग के कर्मचारियों पर थोपी गई श्रमिक विरोधी नई सेवा नियमावली वापस लेने की मांग भी उठाई। इस दौरान जिलाध्यक्ष महफूज अली, सलमान, अकरम, अजय कुमार, दिगराज सिंह, अंकित, नौशाद मौजूद रहे।
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