संवाद न्यूज एजेंसी
अमरोहा। सरकारी लापरवाही और लेट-लतीफी की वजह से अमरोहा जिले में दो हजार लोगों के वजूद का सबूत फाइलों के ढेर में गुम हो गया। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थकने के बाद भी लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहे हैं।
अमरोहा, हसनपुर और गजरौला नगर पालिका कार्यालयों में बड़ी संख्या में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित हैं। कहीं महीनों से कार्रवाई नहीं हो सकी तो कहीं पर नए नियमों के फेर में अटक गए हैं।
नगर पालिका और एसडीएम कार्यालय की इस सुस्ती का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जरूरी दस्तावेज हासिल करने के लिए लोग बार-बार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन अभिभावकों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत स्कूल में प्रवेश, आधार समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए पड़ रही है।
अमरोहा नगर पालिका में करीब 500 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित पड़े हैं। जानकारी के मुताबिक इनमें अधिकांश आवेदनों का सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं नगर पालिका की ओर से करीब 60 आवेदन सीएमओ कार्यालय भेजे गए हैं, जहां इनका सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा करीब 40 से 50 आवेदन मजिस्ट्रेट की अनुमति नहीं मिलने के कारण लंबित हैं। इससे आवेदकों को प्रमाण पत्र के लिए लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने से बच्चों के स्कूल में प्रवेश समेत कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।
हसनपुर में एक हजार आवेदन लंबित, 250 फाइलें एसडीएम कार्यालय में अटकीं
हसनपुर नगर पालिका कार्यालय में तैनात लिपिक के अनुसार, अकेले हसनपुर नगर पालिका में ही एक हजार से अधिक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित हैं। वहीं 250 से ज्यादा फाइलें संस्तुति के लिए एसडीएम कार्यालय में अटकी हुई हैं। कई आवेदन छह-छह महीने से लंबित बताए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आवेदन और जरूरी दस्तावेज जमा कराने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन लंबे समय तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। इससे लोगों के कई जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में बच्चों से जुड़े दस्तावेज और अन्य सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करने में दिक्कत आ रही है, जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
तीन दिन से ठप है प्रमाण पत्र बनने का काम
गजरौला नगर पालिका में पिछले तीन दिन से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। प्रतिदिन करीब 10 से 11 लोग प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचते हैं, लेकिन काम बंद होने के कारण उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, ईओ ललित कुमार आर्य के आधार कार्ड की सीडिंग नहीं होने के चलते प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया रुकी हुई है। इससे आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। ईओ ने बताया कि आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार शाम तक प्रमाण पत्र बनाने का काम शुरू होने की संभावना है।
जन्म प्रमाणपत्र के लिए जरूरी नियम
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पटल प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर परिजन बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के जन्म प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। इसके बाद आवेदन करने पर माता-पिता को शपथ पत्र देना होता है। यदि बच्चे के जन्म के एक वर्ष तक प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया तो मामला संबंधित तहसील के एसडीएम स्तर पर पहुंचता है। इसके बाद एसडीएम की अनुमति मिलने पर ही जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
पीड़ित बोले ..
मैंने छह महीने पहले बेटे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर पालिका में आवेदन दिया था। महीनों चक्कर कटवाने के बाद अब बताया जा रहा है कि आवेदन एसडीएम कार्यालय से खारिज हो गया है। इससे हम बहुत परेशान हैं। - कपिल शर्मा, हसनपुर
कई महीनों से दफ्तरों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। पालिका वाले एसडीएम दफ्तर भेज देते हैं और वहां कोई सुनवाई नहीं होती। छोटे-छोटे कागजों के लिए जनता को परेशान किया जा रहा है। नए-नए नियमों को बताया जाता है। - मोहम्मद नौशाद, सभासद हसनपुर