अमरोहा। जिले की आरटीपीसीआर लैब में अब 400 सैंपलों की जांच हो रही है। इससे पहले जब जांच कराने वालों की संख्या एक हजार के करीब थी, तो लैब में केवल 50 जांचें हो पा रहीं थीं। हालांकि अब जांच कराने वालों की संख्या घट गई है, तो लैब में सैंपलों की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। एक दिन में ही रिपोर्ट दी जा रही है। इससे स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत मिल गई है। अब जनपद में एकत्र होने वाले सभी आरटीपीसीआर सैंपल की जांच यहीं होने लगी है।
जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से पहले 22 नवंबर 2021 को आरटीपीसीआर लैब स्थापित की गई थी। इससे पहले कोरोना के संभावित रोगियों का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल मेरठ मेडिकल कॉलेज, लखनऊ, नोएडा भेजा जाता था, जिसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाते थे। कई बार तो रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे, जिसकी वजह से मरीज का समुचित इलाज नहीं हो पाता था। ऐसा कई बार हुआ है कि संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद जांच रिपोर्ट सामने आई थी। यह लैब 30 बेड वाले मैटरनिटी विंग सीएचसी मोहल्ला कोट की बिल्डिंग में स्थापित है। अब सभी अस्पतालों में केवल 200 से लेकर 400 तक लोग आरटीपीसीआर जांच के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि आरटीपीसीआर लैब में अब 400 सैंपलों की जांच की जाने लगी है। कुल मिलाकर अब हम जिलेभर में एकत्र होने वाले सभी आरटीपीसीआर सैंपलों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लैब की क्षमता चौबीस घंटे में करीब 700 सैंपल की जांच करने की है।