शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास को देखते हुए सर्किल रेट की दरों का निर्धारण किया जाता है। लोकेशन और सड़कों की चौड़ाई के अनुसार सर्किल रेट की दरें निर्धारित होती हैं। पिछले दो सालों से लगातार सर्किल रेट की दरों में बदलाव किया जा रहा हैं। कई क्षेत्रों में 25 फीसदी से अधिक तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। तेजी से विकसित होती कॉलोनी और इंडस्ट्रीयल विकास को देखते हुए इस साल फिर से सर्किल रेट में संशोधन की तैयारी है।
एडीएम वित्त और राजस्व की ओर से सभी सभी तहसीलों व नगर क्षेत्र में हुए विकास को देखते हुए सर्वे कराया गया है। सर्किल रेट का निर्धारण किए जाने का नियम है। माना जाता है कि शहर के बाहरी क्षेत्रों में नई कॉलोनी, फैक्टरी और पेट्रोल पंप आदि बन रहे हैं। ऐसे में वहां जमीनों की बाजार कीमत भी बढ़ रही है। इसलिए हर साल सर्वे कराया जाता है।
सर्किल रेट बढ़ाने के लिए सर्वे के लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाती है। सर्किल रेट के अनुसार ही कृषि भूमि, मकान, दुकान आदि खरीदने वालों को स्टांप ड्यूटी लगानी पड़ती है। जिले की हसनपुर, मंडी धनौरा, अमरोहा और नौगांवा सादात तहसील क्षेत्र में हर महीने 800 से ज्यादा बैनामे होते हैं।
पिछले वर्ष सितंबर में हुई थी बढ़ोतरी
मौजूदा सर्किल रेट की दरों को पिछले वर्ष सितंबर में लागू किया गया था। 2023 की तुलना में 15 से 20 फीसदी की दरों में बढ़ोतरी की गई थी। इस बार फिर से सर्वे के बाद सर्किल रेट की दरों में परिवर्तन किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी दो से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी।
सर्वेक्षण का काम पूरा, निबंधन विभाग सर्किट रेट बढ़ाने के लिए तैयार
शासन के निर्देश पर एक बार फिर निबंधन विभाग सर्किल रेट को बढ़ाने को तैयार है। इसके लिए चल रहा सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है। इससे ही तय होगा कि किस क्षेत्र में कितना सर्किल रेट रखा जाएगा।
पड़ोसी जिलों से भी सर्किल रेट का मिलान किया
डीएम से अनुमोदन लेते ही नई दरें लागू कर दी जाएंगी। विभाग लागू किए जाने वाले सर्किल रेट में एकरूपता रखने के लिए पड़ोसी जिलों से भी सर्किल रेट का मिलान किया है। इसमें पता लगाया गया है कि वहां शहरी क्षेत्र के आस-पास हुए विकास के बाद कितना सर्किल रेट निर्धारित हुआ है। उसी आधार पर जिले में भी यह काम होगा।