फैक्ट्रियों के पानी से प्रदूषित हो रहे भू गर्भ जल से संबंधित खबरों के अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद समाज में लोग जागरूक हो रहे हैं। प्रदूषण से प्रभावित गजरौला क्षेत्र के 42 गांवों के युवाओं ने सोमवार को प्रदर्शन कर डीएम से शिकायत की। युवाओं ने स्थानीय युवाओं को फैक्ट्रियों में नौकरी दिलाने की भी मांग रखी।
गजरौला क्षेत्र की फैक्ट्रियों से छोड़े जाने वाले पानी से बगद नदी और भूगर्भ जल प्रदूषित हो रहा है। इससे नदी के तटवर्ती गांवों के लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। प्रदूषण से संबंधित खबरें अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद क्षेत्र के लोग आगे आए हें। सोमवार को नदी के तटवर्ती 42 गांवों के युवाओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया।
युवाओं ने कहा कि जुबिलेंट, तेवा आदि फैक्ट्रियों से गंदा पानी छोड़ जाने से पूरा जिला बीमारियों की चपेट में आ रहा है। हसनपुर-गजरौला क्षेत्र के 42 गांवों में हर तीसरा आदमी किसी न किसी बीमारी से जूझ रहा है। इससे किसानों की फसलें बर्बाद होने के साथ ही ग्रामीण कैंसर, लकवा, दमा, एलर्जी, सफेद दाग, दाद-खाज और खुजली आदि गंभीर रोगों का शिकार हो रहे हैं।
युवाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्रियों से दूषित पानी के छोड़े जाने पर रोक लगाने और फैक्ट्री में क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को मौका दिए जाने की मांग की। इस दौरान अनुज भाटी, अरविंद सिंह, राजीव कुमार, अनम खान, राजेश रघुवंशी, फैज खान, मोहित चौहान, लोकेश कुमार, रूप सिंह, विनीत कुमार, सुमित कुमार, अंसार अली, देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह गंगवार, राहुल तोमर, सोनू पाशा, तनवीर चौधरी, अनूप बैसला, जाकिर हुसैन आदि शामिल थे। जिलाधिकारी ने युवाओं को जांच करवाकरकार्रवाई का आश्वासन दिया।
हमारी फैक्ट्री का जीरो डिस्चार्ज है। एक बूंद भी पानी बगद नदी में नहीं जाता है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौका मुआयना कर चुके हैं।
-एसके दीक्षित डीजीएम (पीआर) जुबिलेंट कंपनी
कई गांवों के युवाओं ने गजरौला की फैक्ट्रियों से गंदा पानी छोड़े जाने से प्रदूषण फैलने की शिकायत की है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से जांच कराई जाएगी। समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।-वेदप्रकाश जिलाधिकारी अमरोहा