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Amroha News: 22 दिन बाद खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल, 93 करोड़ खर्च करने की चुनौती

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अमरोहा। जिले की 576 ग्राम पंचायतों में प्रधानों के कार्यकाल का अब अंतिम चरण चल रहा है। मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है और ऐसे में पंचायत व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। अब तक प्रदेश सरकार ने इस संबंध में स्थिति साफ नहीं की है। हालांकि प्रधानों का कहना है कि कार्यकाल बढ़ाया जाए। ग्राम पंचायतों को मिली धनराशि से विकास कार्य तेजी के साथ कराए जा रहे हैं। 15 वें वित्त आयोग से साढ़े नौ करोड़ और 14 करोड़ की राशि मिली है।
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वर्ष 2025-26 में मिली 93 करोड़ की धनराशि को शतप्रतिशत खर्च करना चुनौती है। जिसे समय रहते खर्च करना है। जनपद में ग्राम पंचायतों के 107 क्लस्टर पर सिर्फ 88 ग्राम पंचायत सचिव तैनात जबकि 19 सचिवों की जगह खाली है। जिनका विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है।
वर्ष 2025-26 में मिली धनराशि में से करीब 15वें वित्त आयोग में 30 करोड़ 49 लाख और राज्य वित्त आयोग में 63 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है और संभावना जताई जा रही है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं या फिर प्रधानों का कार्यकाल भी बढ़ाया जा सकता है। उधर, कार्यकाल समाप्ति से पहले विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है।
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ग्राम पंचायतों के खातों में उपलब्ध धनराशि का उपयोग कर लंबित कार्यों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ ने सभी एडीओ पंचायत को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 25 मई तक पंचायत स्तर पर उपलब्ध बजट के अनुसार विकास कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि कार्यकाल समाप्ति के बाद कोई वित्तीय विवाद न हो। गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए प्रधान और पंचायत सचिव का संयुक्त खाता संचालित होता है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस व्यवस्था में बदलाव आना तय है, इसलिए प्रशासन चाहता है कि सभी भुगतान और कार्य समय रहते पूरे कर लिए जाएं। इसके अलावा पंचायत सहायकों और शौचालयों में तैनात केयर टेकरों के बकाया भुगतान को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न उत्पन्न हो। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले निर्णय पर टिकी हैं। 27 मई के बाद पंचायतों की बागडोर किसके हाथ में होगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो सकेगा।



मतदाता सूची पुनरीक्षण की तिथि बार-बार बढ़ने से चुनाव कार्यक्रम में देरी के संकेत
मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की तिथियां लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं, जिससे चुनाव कार्यक्रम पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है। अब तक इस प्रक्रिया की समय सीमा पांच बार बढ़ाई जा चुकी है और नई संभावित तिथि के अनुसार अंतिम मतदाता सूची 10 जून को जारी हो सकती है। ऐसे में ग्राम पंचायतों के वर्तमान कार्यकाल की समाप्ति और नई मतदाता सूची के प्रकाशन के बीच करीब पंद्रह दिन का अंतर बन रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आगामी पंचायत चुनाव कार्यक्रम और आगे खिसक सकता है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं में बदलाव तय माना जा रहा है।


कार्यकाल समाप्ति के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर बना असमंजस

ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है, लेकिन इसके बाद की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। आमतौर पर कार्यकाल खत्म होने के बाद पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं, मगर इस बार अब तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और योजनाओं के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से पंचायत स्तर पर कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
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एक नजर में मिली धनराशि

वर्ष धनराशि लगभग में

2022-23 95 करोड़
2023-24 99 करोड़ 65 लाख

2004-25 102 करोड़ 23 लाख

2025-26 93 करोड़
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क्लस्टर बनाकर कराए जा रहे विकास कार्य

जिले में ग्राम पंचायतों के क्लस्टर बनाकर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 576 ग्राम पंचायत है। जिनके 107 क्लस्ट बना रखे है लेकिन इसके सापेक्ष ग्राम पंचायत अधिकारियों की संख्या कम है। जिसका असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। ग्राम विकास अधिकारी के 60 पद है लेकिन तैनाती 40 की है। ग्राम पंचायत अधिकारी 48 तैनात है। इस तरह से 107 क्लस्टर पर 88 ग्राम पंचायत अधिकारी काम कर रहे हैं। इसके सापेक्ष 19 पद खाली चल रहे हैं।
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ग्राम विकास अधिकारी के कुछ पद खाली चल रहे हैं। ग्राम पंचायतों को भेजी गई धनराशि का शतप्रतिशत खर्च किया जा रहा है। ग्राम प्रधानों के कार्यकाल से विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो पैसा ग्राम पंचायत के खातों में है। उससे विकास कार्य होते रहेंगे। विमल कुमार, एडीपीआरओ
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