गांव जयतौली की ग्राम प्रधान के ममेरे ससुर इशरत अली (45) की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी बाइक घटना स्थल के पास खड़ी मिली। गांव के पास हुई वारदात से ग्रामीणों में दहशत है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। हत्यारे कौन हैं और हत्या क्यों हुई, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
रहरा क्षेत्र के गांव जयतौली निवासी किसान नौशाद अली की पत्नी नीतू ग्राम प्रधान है, जबकि नौशाद के मामा इशरत अली प्रधानी के सभी कामकाज देखते थे। वह समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता भी थे। सोमवार सुबह इशरत बाइक से पास के ही गांव महरपुर गए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे लौटते समय अज्ञात लोगों ने इशरत अली को रोककर उनके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। इशरत अली का शव गांव निवासी नाहिद हसन के गन्ने के खेत के किनारे पर पड़ा मिला। कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे बाइक खड़ी हुई थी। वारदात को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गए। कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिलहाल मामले को चुनावी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
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परिजनों को चुनावी रंजिश का शक बुरावली। जयतौली गांव से महज 100 मीटर दूरी पर ही सरेराह ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया। उसे देखकर प्रतीत होता है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी की हुई थी।
परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों ने बाइक रुकवाकर इशरत अली को गन्ने के खेत में ले जाकर उनके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस को दी तहरीर में परिजनों ने गांव के ही करीब छह लोगों को नामजद किया है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इशरत अली गांव में खेती करते थे। वह सपा में सक्रिय सदस्य भी थे। ग्राम पंचायत जैसे चुनावों में वह मजबूती के साथ भूमिका निभाते थे। इस बार भी प्रधान के उपचुनाव में उन्होंने अपने भांजे नौशाद की पत्नी को लड़ाया और जीत दर्ज की थी। परिजनों ने चुनावी रंजिश का शक जताया है।
एसपी ने की ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ
एसपी अमित कुमार आनंद ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। थाना पुलिस को जल्द ही घटना का खुलासा करने के लिए निर्देशित किया। एसपी ने बताया कि गांव जयतौली में प्रधान के ममेरे ससुर की कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। परिवार के लोगों ने कुछ लोगों पर शक जाहिर किया है। जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
गंगा की रेती की जमीन से होती है मोटी आमदनी
ग्राम पंचायत जयतौली के दायरे में गंगा की रेती की हजारों बीघा जमीन आती है। इसके अलावा गंगा किनारे के अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रधान द्वारा गंगा की रेती के हजारों बीघा क्षेत्रफल में पालेज की बुवाई के लिए किसानों को जमीन ठेके पर दी जाती है और उनसे मोटी रकम वसूली की जाती है। इससे प्रधानों को मोटी आमदनी भी होती है। इसी वजह से गांव के दबंग किस्म के लोग प्रधानों से अक्सर रंजिश रखने लगते हैं। कई बार बड़े विवाद भी हो चुके हैं। गंगा की रेती पर फायरिंग के मामले में भी सामने आते रहते हैं। इस समय पालेज के लिए गंगा की रेती की भूमि को ठेके पर देने का कार्य चल रहा है।
पूर्व प्रधान पति समेत छह पर केस, दो हिरासत में
प्रधान के ममेरे ससुर इशरत अली की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही पूर्व प्रधान के पति समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि मृतक के भाई राहत अली ने बताया कि दोपहर 12.30 बजे भाई इशरत अली गांव महरपुर से घर लौट रहा था। उस समय इशरत से फोन पर बात चल रही थी। फोन पर कुछ लोगों की आवाज सुनाई दी कि इशरत को पकड़ लो और मार दो।
इसी बीच गोली चलने की सुनाई दी। वे घटनास्थल पर पहुंचे तो इशरत लहूलुहान हालत में पड़ा था। आरोप है कि उसके भाई की हत्या पूर्व प्रधान के पति नाजिम, कमर, रहीस उर्फ छोटे, आकिब, नाहिद खां निवासीगण गांव जयतौली व विकार अहमद निवासी गांव शकरगडी थाना रहरा ने की है। आरोपियों को मौके से भागते हुए देखा गया है। सीओ ने बताया कि पूर्व प्रधान के पति समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
महरपुर में डाला जा रहा खड़ंजा देखने गए थे
ग्राम प्रधान के ममेरे ससुर की हत्या करीब दोपहर साढ़े बारह बजे हुई। परिजन बताते हैं कि वह सुबह करीब दस बजे घर से जयतौली ग्राम पंचायत के मजरा महरपुर में ग्राम पंचायत निधि से डाले जा रहे खड़जे को देखने गए थे। ग्राम पंचायत स्तर से होने वाले अधिकांश कार्यों की देखभाल इशरत अली ही करते थे।