संविदा सफाईकर्मी के साक्षात्कार में सफाई का प्रैक्टिकल कराने की नई पहल अफसरों की मुसीबत बन सकती है। इसके लिए पेशबंदी शुरू हो गई है। जहां इंटरव्यू देने आए तमाम अभ्यर्थियों ने आवेदन के दौरान इसकी शर्त न होने की बात कहकर इससे किनारा कर लिया। वहीं नाले में उतरकर सफाई करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि, जिन युवाओं ने सफाई नहीं की और उनका चयन किया गया तो वे कोर्ट की शरण लेंगे।
मंडी धनौरा नगर पालिका परिषद में संविदा सफाईकर्मी के 21 पद रिक्त हैं। इसके लिए तीन दिन से इंटरव्यू चल रहे हैं। संख्या काफी अधिक होने और मूल पद सफाईकर्मी का होने से पैनल ने अभ्यर्थियों से सफाई का प्रैक्टिकल कराने का फैसला लिया था।
इधर, ज्यादातर अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय इसकी शर्त न होने की बात कहकर प्रैक्टिकल से किनारा कर लिया था। पहले दिन मात्र 17 आवेदकों ने ही सफाई की जबकि दूसरे दिन मात्र 12 अभ्यर्थी नाले में उतरे। बुधवार को भी तकरीबन 15 अभ्यर्थियों ने सफाई की। उधर, सफाई का प्रैक्टिकल करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन आवदेेकों ने सफाई का प्रैक्टिकल नहीं किया है। भर्ती में उनका चयन किया गया तो वे इस मामले में अदालत की शरण लेंगे क्योंकि मूल रूप से पद सफाईकर्मी का है।
तीसरे दिन भी जारी रहे सफाईकर्मी पद के लिए साक्षात्कार
नगर पालिका परिषद में संविदा पर रखे जाने वाले सफाईकर्मी पद के लिए साक्षात्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को 157 अभ्यर्थियों में से 40 अनुपस्थित रहे। इस दिन भी इंटरव्यू देने आए युवाओं से अधिकारियों ने सफाई कराकर देखी। नाला साफ कराकर उसकी गंदगी को ट्राली में भरवाया।
788 अभ्यर्थियों ने किया है आवेदन
पालिका परिषद में संविदा सफाईकर्मियों के लिए 788 लोगों ने आवेदन किया है। जबकि यहां मात्र 21 पद रिक्त हैं। इंटरव्यू देने वालों में कई अभ्यर्थी ऐसे थे, जो किसी अन्य स्थान पर निजी नौकरी कर रहे हैं। कई स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही संविदा सफाईकर्मी बनना चाह रहे हैं।
मंगलवार को महिला अभ्यर्थी से टीकाकरण के बारे में पूछने पर मिले जवाब के बाद बुधवार को इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी अभ्यर्थियों से इस तरह के सवालों से बचते रहे। अधिशासी अधिकारी कामिल पाशा ने बताया कि बुधवार को भी 40 आवेदक अनुपस्थित रहे।