बीते शुक्रवार के आए तूफान का कहर अभी तक लोग झेल रहे हैं। लगातार मशक्कत के बाद भी बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही है। अभी भी करीब 250 गांवों के लोग अंधेरे में हैं।
बिजली विभाग को तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। पूरे जनपद में अलग अलग स्थानों पर 1051 बिजली के खंभे टूट गए थे। जिसके बाद बिजली विभाग ने सबसे पहले शहरों और आद्योगिक इकाइयों की बिजली लाइनों को सुधारने का काम किया। शहर और आस पास के गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई। लेकिन दूर दराज के गांवों में चार दिन बीत जाने के बाद भी अंधेरा पसरा हुआ है। लाइनों को दुरुस्त करने में बिजली कर्मियों की कमी भी आड़े आ रही है। सीमित कर्मचारी बड़े स्तर पर लाइनों को ठीक नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा बिजली विभाग के स्टोर में खंभे भी खत्म हो गए हैं। अब डिमांड के बाद खंभों की आपूर्ति कब तक होती है ये तो समय ही बताएगा।
बिजली विभाग पांच सौ खंभों को खड़ा कर देने का दावा कर रहा है जबकि, 1051 खंभे आंधी में टूट गए थे। बाकी टूटे खंबों की लाइन से कितने गांव में अंधेरा पड़ा हुआ है, यह बिजली विभाग साफ तौर पर बताने को तैयार नहीं है। हालांकि इतना दावा कर रहा है दूर दराज के गांव ही बिजली से महरूम हैं। उधर बिजली नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे गांव वाले सबसे ज्यादा परेशान है, जिन्होंने हैंडपंपों की जगह घर में सबमर्सिबल लगा लिए थे। ऐसे लोगों को पीने का पानी भी दूर के इंडिया मार्का हैंडपंप से लाना पड़ रहा है। वहीं गर्मी मे बेहाल करके रख दिया है।