शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या ने लोगों मुश्किलें बढ़ा दी है। गर्मी बढ़ने के साथ ही नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय तकनीकी खराबियों के नाम पर हो रही बिजली कटौती के कारण लोग परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग घने वृक्षों के नीचे बैठकर गर्मी से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं शहरी लोगों को बिजली कटते ही घर से बाहर निकलकर समय काटना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती का हाल खराब है। रजबपुर, दौलतपुर, कैलसा समेत दर्जन कई बिजलीघरों में जुड़े सैकड़ों गांवों में पूरे दिन बिजली गायब रहती है। रात में भी घंटे भर में बिजली कटौती होती रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कटौती के चलते फसले सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। दरअसल जनपद मुख्यालय पर 24, तहसीलों में 20 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति किए जाने के आदेश हैं। लेकिन अन्य मौसम की अपेक्षा गर्मी में बिजली की खपत बढ़ जाती है। लोग अपने घरों में एसी, कूलर, फ्रिज आदि का उपयोग करते हैं, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ओवरलोड होने के कारण ट्रांसफार्मर आए दिन जल जाते हैं, जिससे विद्युत कटौती होती है। ऐसे में कुछ समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।
अधीक्षण अभियंता रजत जुनेजा ने बताया कि विभाग की ओर से जर्जर तारों, खराब विद्युत पोल एवं ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि का कार्य चल रहा है। लोगों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।