गजरौला में अफसरों की उदासीनता से तीन दिन से बिगड़ी नगर की आपूर्ति व्यवस्था शुक्रवार को धड़ाम हो गई। शारदीय नवरात्र (शक्ति पर्व) के पहले दिन ही बेतहाशा कटौती से हाहाकार मच गया। दिनभर बिजली के दर्शन नहीं हुए तो इंवर्टर ठप हो गए, सबमर्सिबल शोपीस बन गए। इन वजहों से शहरियों की पानी की किल्लत से भी जूझना पड़ा। इससे उपवास रखने वाले लोग भी प्रभावित हुए।
बता दें कि नगर में शुक्रवार रात 12 बजे से सुबह नौ बजे तक और दोपहर 12 बजे से रात नौ बजे तक 18 घंटे का बिजली आपूर्ति का शेड्यूल घोषित है, मगर पिछले तीन दिन से बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। शेड्यूल का पालन नहीं हो पा रहा है। शनिवार को तो आलम ये था कि सुबह नौ बजे के बाद करीब आधा घंटा ही आपूर्ति की गई।
इसके बाद बिजली के दर्शन नहीं हुए। नतीजतन दोपहर तक लोगों के इनवर्टर भी ठप हो गए। वहीं सुबह जिन लोगों ने सबमर्सिबल नहीं चला। उन लोगों को पेयजल समस्या से भी जूझना पड़ा। रात 8.45 बजे बिजली सप्लाई शुरू हुई।
सीयूजी नंबर नहीं उठा रहे बिजली अधिकारी
गजरौला। एक तो नगर की बिजली व्यवस्था गड़बड़ाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं विभागीय अधिकारी फोन नहीं उठाते। शनिवार को अवकाश था, लेकिन सीयूजी नंबर पर उपभोक्ताओं की समस्या सुनी जा सकती है। नागरिकों का कहना है कि कई दिन से बिजली व्यवस्था चौपट है। लेकिन न तो एक्सईएन का सीयूजी मोबाइल नंबर उठता है और न ही एसडीओ का। बता दें के अमर उजाला की स्थानीय टीम ने भी एक्सईएन और एसडीओ से सीयूजी नंबर पर संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
श्रद्धालुओं के लिए खतरा
गजरौला। शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ ही नगर में दो स्थानों पर रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। अवंतिका पार्क और रेलवे स्टेशन रोड पर रात में नौ बजे के बाद ही रामलीला शुरू होती है। नगर के कोने-कोने से लोग रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। महिलाओं की तादात भी कम नहीं है।
ऐसे में रात में बिजली न होने से सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। जिससे महिलाओं के साथ कुंडल व चेनस्नेचिंग की वारदातों का खतरा बन गया है। इतना ही नहीं लोग अपने पूरे परिवार के साथ ही रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनके सूने मकानों में चोरी होने का भय बना हुआ है।