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Amroha News: पेंशनधारकों को घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र दे रहा डाक विभाग

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अमरोहा। बुजुर्ग पेंशनधारकों को जीवन प्रमाणपत्र के लिए अब इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। दरअसल, डाक विभाग ने घर-घर जाकर प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था शुरू कर दी है। प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करते ही डाक सेवक व डाकिया पेंशनधारकों के घर पहुंचकर उन्हें इसकी सुविधा देने पहुंच रहे हैं। हालांकि, इसके लिए 70 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। यह सुविधा शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के उपडाकघर व शाखा डाकघरों में मिल रही है।
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सरकारी विभागों से नौकरी से सेवानिवृत्त के बाद बुजुर्ग लोगों पेंशन के लिए हर वर्ष ट्रेजरी जीवन प्रमाणपत्र दाखिल करना पड़ता है। शहर से लेकर दूरस्थ क्षेत्र के बुजुर्गों को जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। लेकिन, डाक विभाग व विभागीय इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की ओर से पेंशनधारकों को घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा दी जा रही है। हालांकि, यह सुविधा पिछले तीन वर्षों से जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में पेंशनधारकों को इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में वह ट्रेजरी चक्कर लगाते हैं। हर वर्ष अक्तूबर से लेकर नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र देने वालों की संख्या अधिक रहती है। लेकिन, विभाग की ओर से पेंशनधारकों को घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा दी जा रही है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक शाखा के प्रबंधक रामेश्वर सिंह ने बताया कि पेंशनधारकों को विभाग की ओर से लगातार सुविधा दी जा रही है। ऑनलाइन आवेदन करने वालों के यहां डाकिया और डाक सेवक पहुंचकर उन्हें प्रमाण पत्र जारी करा देते हैं। पेंशनधारक विभागीय वेवसाइट www.ippbonline.net जीवन प्रमाण पत्र पर आवेदन कर सकते हैं।
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चेहरे के आधार पर हो रहा सत्यापन
आवेदन के समय कई बाद बुजुर्ग होने चलते पेंशनधारकों का अंगूठा से सत्यापन नहीं हो पाता है। ऐसे में उनके चेहरे से सत्यापन किया जा रहा है। इससे सत्यापन प्रक्रिया अधिक बेहतर व आसान बन गई है। शाखा प्रबंधक ने बताया कि जिले भर में 116 ग्रामीण शाखा डाकघर, 17 तहसील व कस्बों में उप डाकघर व अमरोहा में एक डाकघर है। सभी जगह से पेंशनधारकों को सुविधा दी जा रही है। अब तक सौ से अधिक जीवन प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं। बताया कि सभी ग्रामीण डाक सेवक और डाकिये मोबाइल फोन से लैस हैं। इनका उपयोग फिंगर बायोमैट्रिक व चेहरा सत्यापन तकनीक का उपयोग कर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए किया जा रहा है।
ट्रेजरी की ओर से भी दी जा रही ऑनलाइन सुविधा
प्रभारी वरिष्ठ कोषाधिकारी कुंदन झा ने बताया कि ट्रेजरी यानी कोषागार से करीब छह हजार पेंशनधारकों को पेंशन जारी होती है। अक्तूबर व नवंबर में अधिकांश विभाग के पेंशनधारकों के जीवन प्रमाण पत्र जमा होते हैं। विभाग की ओर से भी ऑनलाइन जीवन प्रमाण बनवाने के लिए jeevanpramaan.gov.in वेबसाइट बनाई गई है। अभी तक 600 ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं। बताया कि ट्रेजरी की ओर से भी ऑनलाइन आवेदन होने के बाद कर्मचारी पेंशनधारक के यहां पहुंचकर सत्यापन करते हैं। उसके बाद विभाग की ओर से जीवन प्रमाण पत्र जारी होता है।
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