अमरोहा। लापरवाही के चलते इस सत्र से भी पॉलीटेक्निक और आईटीआई में पढ़ाई शुरू होने की उम्मीदें कम हैं। क्योंकि सीएण्डडीएस निर्धारित कार्य पूरा नहीं कर सकी है। इन संस्थानों में दाखिले के लिए अप्रैल में प्रवेश परीक्षा होनी है। कार्यदायी संस्था ने लागत बढ़ने पर रिवाइज अस्टीमेट बनाया है। शासन ने आईटीआई के लिए रकम देने से इनकार कर दिया है। पॉलीटेक्निक के अधूरे कार्यों के लिए रिवाइट अस्टीमेट के तहत बजट मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार अल्पसंख्यक बाहुल्य ब्लॉक क्षेत्रों में पॉलीटेक्निक और आईटीआई का निर्माण करा रही है ताकि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राएं रोजगार परक कोर्स में दाखिला लें सकें। मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम अब प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिले में इन संस्थानों के निर्माण की गति बेहद धीमी है। इसके लिए जिले में कटाई और सहसपुर में पॉलीटेक्निक भवन बनाया जाना है। छात्रों के रहने के लिए हॉस्टल भी बनना है। कार्यदायी संस्था सीएण्डडीएस ने रिवाइज अस्टीमेट 12.30 करोड़ रुपये का तैयार किया है। अभी तक आठ करोड़ की रकम मिल चुकी है, लेकिन अभी निर्माण अधूरा है। इसके अलावा केशवपुरा और बिजनौरा में आईटीआई के लिए बिल्डिंग बनाई जानी है। इन पर 5.05 करोड़ का रिवाइज अस्टीमेट तैयार किया गया है, जबकि 3.71 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुुके है, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हो सका है।
11.71 करोड़ रुपये हो चुके हैं खर्च
अमरोहा। केंद्र सरकार ने पॉलीटेक्निक और आईटीआई के लिए 11.71 रुपये आवंटित किए हैं, लेकिन 5.64 करोड़ रुपये और मांग की गई है। सीएण्डडीएस ने रिवाइज अस्टीमेट बनाया है। उसने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से बजट मांगा है।
आईटीआई की बिल्डिंग के लिए अतिरिक्त रकम नहीं मिलेगी। कार्यदायी संस्था को अवगत करा दिया गया है। अधूरे कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है। - नरेश यादव, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।