अमरोहा(अनिल चौहान)। हाईकोर्ट के सरकार को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के निर्देश के बाद जिले में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार 10,47,068 मतदाता गांवों की सरकार चुनेंगे। वर्ष 2021 के मुकाबले मतदाताओं की संख्या 50,717 बढ़ी है, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। शासन के निर्देश पर अधिकांश प्रधानों को छह महीने के लिए प्रशासक बनाया गया है, जबकि 11 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी एडीओ पंचायत को सौंपी गई है। प्रशासकों का कार्यकाल भी नवंबर में खत्म हो जाएगा।
चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया के आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार है, लेकिन ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित दावेदारों ने गांवों में संपर्क बढ़ा दिया है। नए मतदाताओं के नाम जुड़ने से वे मतदाता सूची का आकलन कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। (संवाद)
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जोया ब्लॉक में सबसे अधिक बढ़े मतदाता
जिले के सभी विकास खंडों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इनमें जोया ब्लॉक में सबसे अधिक नए मतदाता जुड़े हैं। इससे यहां पंचायत चुनाव में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है। इस बार जिले में कुल 10,47,068 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 5,51,047 पुरुष और 4,96,021 महिला मतदाता हैं। वर्ष 2021 में जिले में कुल 9,96,351 मतदाता थे।
1.80 लाख नए नाम जुड़े, 1.22 लाख हटाए
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए गए वृहद मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान सूची का सत्यापन किया गया। इसमें 1 80382 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि मृतक और स्थानांतरित समेत अन्य कारणों से 122 816 नाम हटाए गए। इसके अलावा सत्यापन में 6849 डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम भी सूची से विलोपित किए गए। इन संशोधनों के बाद मतदाताओं की संख्या में शुद्ध रूप से 50,717 की वृद्धि दर्ज की गई।
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परिसीमन के बाद 21 ग्राम पंचायतें कम, जिपं का एक वार्ड भी घटा, 576 में होगा चुनाव
जिले में ग्राम पंचायतों और पंचायत सदस्य पदों के वार्डों की संख्या में बदलाव हुआ है। वर्ष 2021 में जिले में 597 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुआ था, लेकिन अमरोहा नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार में 21 ग्राम पंचायतें शामिल होने के बाद अब इनकी संख्या घटकर 576 रह गई है। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पहले 27 वार्ड थे, जो अब घटकर 26 रह गए हैं। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के वार्डों की संख्या भी 683 से घटकर 653 हो गई है। यानी परिसीमन के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य के 30 वार्ड कम हो गए हैं।
चुनाव कार्यक्रम और आरक्षण सूची पर टिकीं निगाहें
पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जारी हैं, लेकिन अभी चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई है। ग्राम पंचायतों और वार्डों की संख्या में बदलाव के बीच अब ग्रामीणों और संभावित प्रत्याशियों की निगाहें चुनाव कार्यक्रम और आरक्षण सूची पर टिकी हैं। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही संभावित दावेदार अपने चुनावी समीकरणों को अंतिम रूप दे सकेंगे।
पंचायत चुनाव के संबंध में शासन से जो निर्देश प्राप्त होंगे। उसके अनुसार ही काम किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी हैं।
-नितिन कुमार, डीपीआरओ