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पुलिस बैकफुट पर, आरोपियों से हटाई लूट की धाराएं 

Sat, 09 Apr 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
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एसओ धनौरा को लाइनहाजिर करने के बाद पुलिस ने आरोपी दिल्ली पुलिस के सिपाही गजेंद्र और उसके बहनोई समेत नामजद चारों आरोपियों पर लगी लूट की धाराएं हटा ली हैं। हालांकि मामले की विवेचना अभी जारी है। 
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रेशम एवं वस्त्र उद्योग मंत्री महबूब अली के बड़े भाई गनीम मोहम्मद निवासी गांव शकरपुर अमरोहा के बेटे इफ्तिखार अली की कार टकराने पर चार अप्रैल को भानपुर फाटक पर दिल्ली पुलिस के सिपाही ने मारपीट की थी। मामला मंत्रीजी के भतीजे का होने पर पुलिस ने आनन-फानन में दिल्ली पुलिस की फर्स्ट बटालियन में तैनात सिपाही गजेंद्र सिंह और उसके बहनोई हरवीर सिंह पुत्र ओमपाल सिंह निवासी देहरा कादरबक्श थाना धनौरा समेत चंद्रपाल सिंह पुत्र लहरी सिंह व नीटू पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी गांव सलारपुर थाना गजरौला के खिलाफ जानलेवा हमले और लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर  ली थी। 


गजेंद्र और उसके बहनोई हरवीर को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। इतना ही नहीं घटना की रात थाने पर सपाई जमे रहे। इतना ही धनौरा एसओ सत्येंद्र कुमार की मौजूदगी में कुछ बाहरी लोगों ने सिपाही गजेंद्र को हवालात से निकाल कर पिटाई भी लगाई थी।
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पुलिस की बर्बरता और सत्ता की हनक से गुस्साए जाट समाज के लोगों ने आंदोलन छेड़ दिया था और धनौरा एसओ के निलंबन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए। गांव आरकपुर में बृहस्पतिवार की रात महापंचायत बुला कर उग्र आंदोलन की हुंकार भरते हुए रणनीति बनाई। इस पर उसी रात पुलिस अधीक्षक ने एसओ धनौरा को लाइनहाजिर कर दिया था।
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