दरोगा ने हिस्ट्रीशीटर के साथ मिलकर रची थी साजिश
पूर्व प्रधान के पुत्र नईम को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने और सवा लाख रुपये ऐंठने की साजिश सिंभावली थाने में तैनात दरोगा ने सिंभावली थाने के हिस्ट्रीशीटर से मिलकर रची थी। इसमें पीआरडी और महिला को शामिल किया। पुलिस ने दो हिस्ट्रीशीटर, महिला व पीआरडी जवान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सिंभावली थाने में तैनात दरोगा व एक अन्य आरोपी हाथ नहीं लगे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से 20 हजार, मोबाइल बरामद किए हैं। एसपी ने मामले का खुलासा किया। रविवार को एसपी अमित कुमार आनंद ने शाम 4 बजे पुलिस कार्यालय में मामले का खुलासा किया। एसपी ने बताया कि पूर्व ग्राम प्रधान के पुत्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं।
सीसीटीवी कैमरों व सर्विलांस की मदद से गजरौला पुलिस ने सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव रझेड़ा निवासी खालिद व रियाजुल की पत्नी कौशर, पीआरडी लाखन निवासी देहरा रायपुर थाना बहादुरगढ, गजरौला की खेम सिंह कॉलोनी के दीपक को जीराे बांध के पास से गिरफ्तार किया।
दीपक भी हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने खालिद से 10 हजार रुपये, दीपक से मोबाइल व पांच हजार रुपये, कौशर से पांच हजार रुपये बरामद किए जबकि मुख्य आरोपी सिंभावली थाने में तैनात दरोगा नितिन कुमार वर्मा व नगर के रेलवे स्टेशन शिवपुरी मोहल्ले का नवीन वर्मा हाथ नहीं लगे। दरोगा मूलरूप से मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के गांव चंगेरी का रहने वाला है।
बकौल एसपी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दरोगा ने सिंभावली थाने के हिस्ट्रीशीटर खालिद के साथ मिलकर पूर्व प्रधान के पुत्र को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने व रुपये ऐंठने की साजिश रची। हिस्ट्रीशीटर बदमाश खालिद पीड़ित नईम को पिछले दस वर्षों से जानता था। पीआरडी लाखन को दरोगा नितिन कुमार वर्मा दबिश में साथ चलने को बोलकर लाया था।
नगर से अपने पुराने परिचित नवीन वर्मा को साथ लिया। निर्माणाधीन पुलिस लाइन के पास गए। यहां नईम को बुलाकर अपहरण कर लिया और नगर में दीपक की दुकान पर उसे रखा। हिस्ट्रीशीटर खालिद, महिला कौशर को लेकर आया। यहां नईम पर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया। उसके परिवार वालों से सवा लाख रुपये वसूली करने के बाद छोड़ा गया। चारों का चालान किया जा रहा है जबकि दरोगा व उसका साथी नवीन वर्मा की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पांच लाख रुपये की मांग की
उनसे पुलिस के कहे अनुसार पांच लाख रुपये लाने को कहा। पिता ने पांच लाख रुपये का इंतजाम करने में असमर्थता जताई। सवा लाख रुपये पर पुलिसकर्मी सहमत हो गए। 25 हजार घर से जबकि एक लाख रुपये जोया में अपने परिचित डॉ. नाजिम से लाए। पुलिसकर्मियों ने उनके पिता से सवा लाख रुपये ले लिए। उनको धमकाया कि तुमने घटना की शिकायत की या गांव में चर्चा की तो झूठी रिपोर्ट दर्ज करा देंगे।
प्लाॅट दिखाने के बहाने बुलाकर किया अपहरण
पूर्व ग्राम प्रधान के बेटे नईम का जोया में पुलिस लाइन के सामने प्लाॅटिंग का काम चल रहा है। उनका कहना है कि 11 दिसंबर दोपहर करीब 12 बजे उनके फोन पर कॉल आई। फोन करने वाले ने उनसे पुलिस लाइन के सामने प्लाट दिखाने की बात कही। वह करीब डेढ़ बजे अपने साथ अहसान अहमद को लेकर प्लाटिंग पर पहुंचे। यहां आते ही उनको अपहरण कर कार में बैठा लिया और गजरौला ले आए। यहां बंधक बनाकर रखा।