अमरोहा। यूथ कांग्रेस की ओर से बृहस्पतिवार शाम शहर में निकलने वाला मार्च पर पुलिस प्रशासन ने रोक ली दी। मार्च निकालने के लिए प्रशासनिक स्तर से अनुमति नहीं ली गई थी। शाम ढलते ही पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को देर रात तक उनके घरों में नजरबंद कर दिया। कड़े पहरे के चलते यूथ कांग्रेस की ओर से मार्च नहीं निकल सका।
यूथ कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए शहर में बृहस्पतिवार शाम को मार्च निकालने का ऐलान किया था। यह मार्च आंबेडकर पार्क से शुरू होकर गांधी मूर्ति तक निकालना था। मार्च में बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने के लिए यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इमरान अब्बास नकवी के नेतृत्व में सुबह से ही संगठन पदाधिकारी व कार्यकर्ता मार्च की तैयारियों में जुटे हुए थे। वहीं, शहर कांग्रेस कमेटी पदाधिकारियों ने भी मार्च में शामिल होने का संदेश अपने कार्यकर्ताओं तक पहुंचा दिया था।
जानकारी मिलते ही खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया था। कांग्रेस नेताओं व संगठन पदाधिकारियों के अलावा सक्रिय कार्यकर्ताओं की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही थी। वहीं, आई लव मोहम्मद प्रकरण को लेकर बरेली में भड़की हिंसा के बाद से सक्रिय जिम्मेदार पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने अधिनस्थों को दिए गए मार्च किसी भी सूरत में नहीं निकलने देना है।
पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई
शाम होते ही शहर कोतवाली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इमरान अब्बास, कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष इंद्रेश कुमार शर्मा, परवेज आरिफ टीटू, अली इमाम रिजवी एडवोकेट, अहराज इदरीसी, आदिल उस्मानी व परवेज सिद्दीकी समेत अन्य पदाधिकारियों को नजरबंद कर दिया। इसके चलते कांग्रेस नेताओं की पुलिसकर्मियों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। लेकिन, कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने बिना अनुमति मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी।
वहीं, कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर संविधान विरोधी कार्य करने का आरोप लगाते हुए आवाज कुचलने की बात कही। बरेली जाने पर जिला पुलिस-प्रशासन ने पूर्व सांसद दानिश अली को हाउस अरेस्ट किया था। वहीं, दो दिन पहले आप नेताओं व केंद्रीय लोक निवारण परिषद के कार्यकर्ताओं को भी नजरबंद किया था। सीओ सिटी शक्ति सिंह ने बताया कि बिना अनुमति मार्च निकाल जा रहा है जिसे रोका गया है। बिना अनुमति मार्च नहीं निकलने दिया जाएगा।