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Amroha News: विधायक के फार्म हाउस के केयरटेकर के पुलिस ने दर्ज किए बयान, बोला-कमरा दिलाने के लिए दरोगा ने बनाया था दबाव

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अमरोहा। उत्तराखंड के खानपुर के विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हुए सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में केयरटेकर रामनिवास का पुलिस ने सोमवार को बयान दर्ज किया है। बयान में उसने कहा कि रजबपुर थाने के दरोगा नरेश पाल राणा ने फार्म हाउस पर कमरा दिलाने के लिए दबाव बनाया था। घटना के बाद फार्म हाउस के केयरटेकर ने पुलिस को तहरीर दी थी कि जांच के लिए गृह मंत्रालय की टीम के आने की बात कह कमरा देने के लिए दरोगा ने फोन किया था। इसके साथ ही फार्म हाउस की लोकेशन भी मांगी थी।
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सोमवार को हसनपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर ने उन्हें बुलाकर उनकी शिकायत और घटना के संबंध में बयान दर्ज किए हैं। केयरटेकर ने आरोप लगाया कि रजबपुर थाने में तैनात दरोगा नरेश पाल राणा ने फोन कर आरोपियों को कमरे दिलाने के लिए दबाव बनाया था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। कहा था कि गृह मंत्रालय की टीम जांच के सिलसिले में आई है। टीम कुछ देर रुकेगी। इसलिए कमरे उपलब्ध करा दें। उधर, केयरटेकर ने तहरीर वापस लिए जाने से इन्कार किया है। उसने कहा कि उसने अपनी शिकायत वापस नहीं ली है।
दरोगा नरेशपाल के गायब होने की जांच शुरू
सामूहिक दुष्कर्म में फार्म हाउस में कमरा दिलाने के आरोपों में घिरे रजबपुर थाने के दरोगा नरेश पाल राणा के गायब होने के मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी सीओ नौगावां सादात अवधभान भदौरिया ने घटना से जुड़े तथ्यों और नरेश पाल के जुड़ाव की तहकीकात शुरू की है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नरेश पाल के आरोपियों से क्या संबंध थे। क्या उसने फार्म हाउस में कमरा दिलाने के लिए फोन कर दबाव बनाया था। घटना के बाद थाने से गैरहाजिर दरोगा नरेश पाल राणा को निलंबित किया जा चुका है।
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पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी पीड़िता को आर्थिक सहायता
अमरोहा। जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुड़ी जैन ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक सहायता पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर दी जाएगी। फिलहाल पुलिस की ओर से पीड़िता के संबंध में विभाग को कोई रिपोर्ट या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस उन्हें पत्र भेजेगी जिसके आधार पर पीड़िता को कुल चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसमें एफआईआर दर्ज होने और चार्जशीट दाखिल होने पर ढाई लाख रुपये दिए जाएंगे। शेष धनराशि मुकदमे की सुनवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलेगी। पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही पीड़िता को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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