गजरौला (अमरोहा)। नौगांवा सादात उपचुनाव को लेकर सक्रिय पुलिस ने हाईवे पर रातभर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दिल्ली और जालंधर से संचालित नौ डग्गामार बसें, दो इको, एक सेंट्रो कार समेत 12 वाहन सीज कर 55 वाहनों के ई-चालान किए गए। इनसे लगभग आठ लाख रुपये जुर्माने के रूप में वसूले हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से संबंधितों में खलबली मची रही।
सोमवार को थाना प्रभारी निरीक्षक रामप्रसाद शर्मा ने बताया कि अफसरों के निर्देश पर ब्रजघाट चौकी इंचार्ज एसआई मोहित बालियान ने रविवार की रात 11 बजे से हाईवे पर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान दिल्ली दिशा से आ रहीं आठ निजी बसों को रोककर चेक किया। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर सभी बसें सीज कर दीं गईं। इसके अलावा मुरादाबाद से दिल्ली जा रही एक निजी बस के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। दिल्ली से आ रहीं दो इको वैन और बंधे की ओर से आ रही सेंट्रो कार को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया। इसके अलावा 55 वाहनों के ई-चालान भी किए गए। चौकी इंचार्ज मोहित बालियान ने बताया कि किसी भी बस के चालक के पास डीएल और परमिट नहीं मिला।
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14 घंटे बेहाल रहे यात्रियों ने किया हंगामा
गजरौला।ब्रजघाट चौकी पुलिस द्वारा पकड़ीं गईं डग्गेमार बसों में से दो बसें जालंधर से बहराइच जा रहीं थीं। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद सवारियां बेहाल हो गईं। महिलाओं, बच्चों, पुरुषों समेत सौ से अधिक यात्री पुलिस चौकी के पास ही खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। उनका कहना था कि उन्होंने पूरा किराया दिया था। लेकि न सफर पूरा नहीं हुआ। सोमवार की दोपहर तीन बजे तक बसों की व्यवस्था नहीं होने के कारण गुस्साए यात्रियों ने हंगामा किया। बस में सवार प्रदीप कुमार, देवराज, कविता, अनुराधा, गायत्री, कोमल, सविता, आराधना, जमना, शोभा, डालचंद, फरमान, विक्रम आदि ने परेशानियां बताईं। चौकी इंचार्ज एसआई मोहित बालियान ने बताया कि यात्रियों का किराया वापस कराकर उन्हें अन्य वाहनों से भिजवा दिया गया।
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शेर वाली बस देखकर ही बैठें
गजरौला। जालंधर से बहराइच जा रहे अधिकांश यात्रियों ने बस के परिचालक द्वारा दी गई किराए की रसीद पुलिस को दिखाई। बगैर सीरियल नंबर अथवा किसी मुहर वाली इस पर्ची पर सबसे ऊपर लिखा है कि शेर वाली बस देखकर ही बैठें। बहराइच जा रहे प्रदीप सिंह, वसुंधरा, गोवर्धन सिंह, लल्लू आदि यात्रियों के मुताबिक किराए के तौर पर उनसे जालंधर से बहराइच तक के प्रति सवारी आठ सौ रुपये वसूले गए थे। पकड़ीं गईं अधिकांश बसों पर शेर का निशान बना हुआ है। पुलिस के मुताबिक पकड़ीं गईं बसें तीन फर्मों से संबंधित हैं। इनमें से अधिकांश के चालक और स्टाफ बसों को छोड़कर भाग गए।
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बगैर परमिट के गैर राज्यों की बसों के संचालन पर सवाल
गजरौला। ब्रजघाट चौकी पुलिस की कार्रवाई से यह साफ हो गया कि बड़ी संख्या में डग्गामार बसें दूसरे राज्यों से यूपी के अलग-अलग जिलों को जाती हैं। बिना परमिट गैर राज्यों की बसों का खुलेआम संचालन जगह-जगह मौजूद पुलिस पोस्ट, परिवहन विभाग की चेकिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।