अमरोहा जिला अस्पताल वार्ड में बीमार बच्चों को लेकर बैठीं मां।
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बदलते मौसम में परवान चढ़ते गुलाबी जाड़े में बच्चे खांसी का शिकार हो रहे हैं। सुबह-शाम की ठंडक से बच्चे बीमारी की जद में हैं। संक्रामक अधिक होने पर बुखार से पीड़ित बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऐसे मरीजों की संख्या सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में दोगुनी हो गई है।
पिछले दिनों बारिश होने से मौसम में तेजी से बदलाव आया है। दिन का मौसम गर्म होता है। जबकि सुबह और शाम के तापमान में गिरावट आई है। ठंडक सामान्य से अधिक है। इस बदलते मौसम की मार बच्चों पर पड़ने लगी है। नौनिहाल खांसी का शिकार होने लगे हैं। पहले बच्चे जुकाम के साथ बुखार की जद में आते हैं। संक्रामक बढ़ने पर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। उनकी पसलियां तेज चलने लगती है। जो मासूमों की सेहत के लिए खतरनाक है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी में खांसी से पीड़ित बच्चों की संख्या इजाफा हुआ है। डाक्टरों की माने तो ऐसे मरीजों की संख्या दुगनी हुई है।