अमरोहा। बान नदी का स्वरूप समय के साथ पूरी तरह बदल गया है। नदी कहीं पूरी तरह विलुप्त हो गई है, तो कहीं नाले का रूप ले चुकी है। आलम यह है कि नदी पर खेती की जा रही है। देहात के गांव नन्हेड़ा में तो नदी की भूमि में फसल बोवाई के लिए जुताई की जा रही है, जो अधिकारियों की अनदेखी की उजागर कर रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सर्वे शुरू करा दिया गया है। शुक्रवार को भी सर्वे किया गया।
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जिले में कल-कल करने वाली बान नदी की स्थिति आज क्या है। यह किसी से छिपी नहीं है। जिले के 47 किलोमीटर में बहने वाली नदी न केवल सिंचाई का जरिया हुआ करती थी, बल्कि पानी स्रोत भी थी। धीरे-धीरे पहले तो नदी का स्वरूप घटा। इसके बाद यह सूख गई। लेकिन, कई साल से तो नदी का दायरा ही सिमट गया है, जो अब कहीं नाले तो कहीं रास्तों के रूप में नजर आती है। इसमें कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही सामने आती है। नदी खेतों में बदल चुकी है।
देहात क्षेत्र के गांव में शुक्रवार को किसान फसल बोवाई के लिए नदी की जमीन में जुताई करते नजर आए। यह स्थिति एक जगह की नहीं है। हालांकि, अमर उजाला के अभियान के बाद अधिकारियों ने बृहस्पतिवार से सर्वे शुरू करा दिया है। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ नीरज गर्ग के नेतृत्व में पंचायत सचिवों ने शुक्रवार को भी देहात के गांव गांवों से सर्वे किया। सीडीओ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि फिलहाल सर्वे का कार्य चल रहा है। कहां-कहां फसल के लिए जुताई व अन्य कार्य हो रहे हैं, उस जगह को चिन्हित किया जाएगा। नदी के जीर्णोद्धार के लिए हर प्रयास किए जाएंगे।
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डीएम ने लिया संज्ञान, एडीएम व सीडीओ को दी जिम्मेदारी
अमर उजाला के अभियान पर डीएम ने संज्ञान लिया है। बान नदी पर कहां-कहां कब्जा है और कितने क्षेत्र में पानी बह रहा है। उसके जांच के लिए डीएम व सीडीओ को जिम्मेदारी दी है। वहीं, पत्राचार कराकर तत्काल प्रभाव से नदी के जीर्णोद्धार के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के लिए कहा है। साथ ही पुलिस विभाग को भी इससे अभियान से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। डीएम की ओर से जल्द ही एसपी को पत्राचार किया जाएगा।