नौगावां सादात (अमरोहा)। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बनाए गए अमृत सरोवर नौगावां सादात तहसील क्षेत्र में बदहाली का शिकार होते नजर आ रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से तैयार अमृत सरोवर में गंदगी के अंबार लगे हैं। निर्माण के बाद न तो इनकी सफाई कराई गई और न ही रखरखाव पर ध्यान दिया गया, जिससे पानी संचयन का उद्देश्य भी अधूरा रह गया है।
ग्रामीणों के अनुसार कई सरोवरों में पानी भरा हुआ था, लेकिन अब चारों ओर गंदगी का अंबार लग गया है। सरोवर के किनारों पर लोग गोबर जमा कर रहे हैं और कूड़ा डालना आम बात हो गई है। झंडा फहराने के लिए चिह्नित स्थान पर गंदगी पसरी हुई है। कई जगहों पर सरोवर की दीवारें टूट चुकी हैं और आसपास ऊंची-ऊंची घास उग आई है। पानी में काई जमने से स्थिति और खराब हो गई है।
स्थिति यह है कि जिन सरोवरों को जल संरक्षण और ग्रामीण सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया था, वह अब उपेक्षा के चलते अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, जिससे यह योजना कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने भूगर्भ जल स्तर को सुधारने और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य तय किया था, जिसे बाद में दोगुना कर दिया गया था। इसी के तहत नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में बड़े पैमाने पर अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया था। इन सरोवरों पर लोगों के टहलने के लिए इंटरलॉकिंग सड़क, झंडा फहराने के लिए चबूतरा, पानी की व्यवस्था और पौधरोपण जैसे कार्य भी किए गए थे। लेकिन, अब देखरेख के अभाव में इन सरोवरों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। न तो यहां नियमित सफाई हो रही है और न ही रखरखाव के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मखदूमपुर : ऊंची-ऊंची घास और झाड़ियों से घिरा
सरोवर पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन लंबे समय से साफ-सफाई नहीं होने के कारण सरोवर के चारों ओर ऊंची-ऊंची घास उग आई है, जबकि पानी में काई जमने से इसकी स्थिति और खराब हो गई है। सौंदर्यीकरण के बाद से अब तक रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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पीलाकुंड: बिना पानी, गंदगी से पटा परिसर
पीला कुंड गांव में बना अमृत सरोवर बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लाखों खर्च होने के बावजूद न तो इसमें पानी संचय हो पा रहा है और न ही नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था है। सरोवर की दीवारें जगह-जगह से टूट चुकी हैं और आसपास गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने यहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। देखरेख के अभाव में यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है।
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बीलना : सरोवर में गंदगी और किनारे पर गोबर के ढेर
गंदगी के बीच दम तोड़ रही योजना बीलना गांव में लाखों की लागत से बना अमृत सरोवर बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सरोवर में पानी भरा होने के बावजूद उसके चारों ओर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने सरोवर किनारे गोबर इकट्ठा करना शुरू कर दिया है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। हैरानी की बात यह है कि जहां झंडा फहराने के लिए स्थान चिन्हित किया गया था, वहां भी गंदगी फैली हुई है। यहां भी साफ सफाई नहीं हो रही। इससे साफ है कि रखरखाव के अभाव में यह योजना अपना उद्देश्य खोती जा रही है।
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ग्राम पंचायत अपने स्तर से अमृत सरोवर का काम करा सकती है। इसमें अलग से कोई बजट की व्यवस्था नहीं होती है। जहां पर तालाबों की स्थिति खराब है तो उनको दिखवाया जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर काम भी कराया जाएगा। साफ-सफाई भी कराई जाएगी। -अम्बरीश कुमार, पीडी
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