हनुमान गढ़ी और मोहल्ला मारवाड़ी स्थित पीएचसी पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में डॉक्टर नहीं आए। इसके कारण मरीजों का भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, कुछ मरीज बिना दवा लिए ही वापस चले गए। दोनों केंद्रों पर कुल 93 मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे।मारवाड़ी पीएचसी पर मौजूद फार्मासिस्ट जितेंद्र कुमार ने बताया कि प्रभारी डॉ. प्रियांशी गुप्ता आई थीं, लेकिन वह उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कर वापस चली गईं। हनुमानगढ़ी पीएचसी पर डॉ. श्रेती गुप्ता भी नहीं थीं। आरोग्य मेले में केवल फार्मासिस्टों ने मरीजों की जांच कर दवा दिया। इस दौरान मरीजों को केवल सर्दी, बुखार और दर्द की दवा मिल सकी। बाकी मरीज चिकित्सक नहीं होने के कारण वापस चले गए। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के बबराला, धनारी, जुनावई और बनियाखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले आरोग्य मेले में चिकित्सक नहीं आते हैं। इसके कारण लोग उपचार के लिए निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर रहते हैं।
तीनों तहसीलों के 33 स्थानों पर लगा जन आरोग्य मेला
-जिला संभल की तीनों तहसील संभल, चंदौसी और गुन्नौर में कुल 33 पीएचसी पर हर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें 28 जन आरोग्य मेले देहात क्षेत्र और पांच शहरी क्षेत्र में लगाए जाते हैं। डीपीएम संजीव राठौर ने बताया कि गुनौर तहसील के गुन्नौर में तीन, जुनावई में एक, रजपुरा में दो, चंदौसी तहसील के चंदौसी में तीन, ब्लॉक बनियाखेड़ा में छह, बहजोई में चार तथा संभल तहसील क्षेत्र में 14 स्थानों पर जन आरोग्य मेलेे का आयोजन किया जाता है।
अकरौली पीएचसी नहीं पहुंचे चिकित्सा प्रभारी
बनियाठेर। ब्लॉक बनियाखेड़ा की ग्राम पंचायत अकरौली स्थित पीएचसी में भी हर बार तरह इस बार भी जन आरोग्य मेले में चिकित्सा प्रभारी नहीं पहुंचे। एक महिला चिकित्सक, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन ने मरीजों का इलाज कर दवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि मेले में चिकित्सा प्रभारी कभी नहीं आते हैं। इसके कारण न तो मरीजों की समस्याओं का समाधान हो पाता है और न ही उन्हें ठीक से दवा मिल पाती है।
मरीजों ने कहा
- खांसी और बुखार की समस्या है। फार्मासिस्ट ने जांच कर दवा दी है। पूछने पर पता चला कि डॉक्टर आई थीं, किसी काम से वह वापस चली गईं हैं। -शाहीद अली, मारवाड़ी
- छह महीने से शुगर की दिक्कत है। दवा मौजूद कर्मचारी ने दिया। डॉक्टर को दिखाने के लिए कहने पर बताया गया कि अभी डॉक्टर नहीं आईं हैं।- रमेश शर्मा, हनुमानगढ़ी
सीएमओ का फोन नहीं उठा
- सीएमओ डॉ. तरुण पाठक से जब इस बारे में जानकारी के लिए संपर्क किया गया तो हर बार की तरह उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।