करीब दो माह से डॉक्टर और अरुण के परिजनों को अनुमति का इंतजार था। हसनपुर क्षेत्र के फिरोजपुर बदलू गांव निवासी किसान सतवीर सिंह के बेटे अरुण भाटी (28) राजस्थान की एक कंपनी में नौकरी करते थे। फिलहाल वह घर पर ही हैं। अरुण के परिवार में पत्नी मोनिका व दो बच्चे हैं। करीब एक साल पहले अरुण की तबीयत खराब हो गई। जांच में उनकी दोनों किडनी खराब निकली। फिलहाल मेरठ के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। करीब छह माह से अरुण डायलिसिस पर हैं। भांजे का दर्द देखकर तरौली गांव निवासी उनके मामा लक्ष्मण सिंह (50) किडनी देने को तैयार हो गए।
जिस अस्पताल में अरुण का इलाज चल रहा है, उसी अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद किडनी प्रत्यारोपण की अनुमति दे दी। पीड़ित परिवार ने सीएमओ डॉ. एसपी सिंह को पत्र देकर किडनी प्रत्यारोपण की अनुमति मांगी थी। इसके बाद मामला जिला स्तरीय प्राधिकरण समिति के बीच पहुंचा।
बीते बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्राधिकरण समिति की बैठक हुई, जिसमें डीएम निधि गुप्ता वत्स ने किडनी देने वाले अरुण के मामा की सरकारी अस्पताल से पूरी तरह स्वस्थ होने की जांच रिपोर्ट मांगी। हालांकि, यह जांच अमरोहा के जिला अस्पताल में नहीं हो सकी और मेरठ के निजी अस्पताल की जांच रिपोर्ट फाइल में लगी हुई थी। इस बीच तीन दिन सरकारी छुट्टी होने के कारण किसी तरह की प्रक्रिया नहीं हो सकी। सोमवार को डीएम ने अरुण को किडनी प्रत्यारोपण की अनुमति दे दी है।