रास्ता चौड़ा कराने की मांग को लेकर जोया के लोगों धरना देकर नाराजगी जताई। पुल का निर्माण करने वाली कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। डीएम के निर्देश पर एसडीम और तहसीलदार ने मौके पर जाकर आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत किया। इस दौरान एसडीएम और लोगों के बीच नोकझोंक हुई। हालांकि अधिकारियों द्वारा रास्ता चौड़ा करने के आश्वासन के बाद लोगों का गुस्सा शांत हो गया। वहीं लोगों ने वादाखिलाफी करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जनपद में हाईवे चौड़ीकरण के साथ जगह-जगह ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। जोया में सोत नदी के पास मोहल्ला चौधरियान के लिए रास्ता जाता है। पुल पर ही कंपनी ने सर्विस रोड बनाई है। जिस कारण मोहल्ले को जाने वाला रास्ता छोटा हो गया है। इससे नाराज मोहल्ले के लोगों ने रास्ते को चौड़ा करने की मांग को लेकर नागरिकों ने मंगलवार को पुल का काम रुकवा कर धरने पर बैठ गए थे। साथ ही लोगों ने डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। बुधवार को भी लोग धरने पर बैठे थे। लिहाजा डीएम बीके त्रिपाठी के आदेश पर एसडीएम सदर और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े थे। इस दौरान एसडीएम और स्थानीय लोगों के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस भी मौके पर आ गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने एक युवक को गाड़ी में बैठा लिया था। जिसे लेकर लोगों को गुस्सा भड़क गया और जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने पकड़े युवक को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया। बाद में एसडीएम ने रोड चौड़ा कराने का आश्वाशन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। साथ ही एसडीएम ने जिन लोगो ने रुपये लेकर भी निर्माण नहीं तोड़ा है, उन्हें दो दिन के भीतर अपना निर्माण तोड़ने के लिए कहा गया। इस दौरान हनी चौधरी, महिपाल सिंह ठाकुर, थमन्न सिंह, पुष्पेंद्र गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता, राहुल, सुनीता देवी, बबिता देवी आदि रहे।