गजरौला। ऑक्सीजन का संकट बरकार है। प्रशासन द्वारा वितरण की व्यवस्था अपने हाथ में नहीं लेने के कारण सप्लायर पर मनमानी के आरोप लग रहे हैं। आमजन परेशान हैं। बिजनौर और किरतपुर के साथ ही जनपद के लोग यहां सिलिंडर की तलाश में आ रहे हैं। कई लोग तो तीन दिन से परेशान हैं। सप्लायर की पर्ची होने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सिलिंडर किस आधार पर दिए जा रहे हैं, इसकी भी सही जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
शुक्रवार को भी ऑक्सीजन के लिए मारमारी रही। परेशान लोग सवेरे से ही हसनपुर रोड पर सप्लायर मुकीम खान के गोदाम के बाहर एकत्र होना शुरू हो गए थे। यहां किरतपुर से आए उस्मान खान ने बताया कि वह तीन दिन से लगातार यहां आ रहे हैं, लेकिन अभी तक सिलिंडर नहीं मिल सका। बोले, अब्बा की हालत बेहद गंभीर है, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
किरतपुर से ही आए वासिद ने बताया कि उसके खालू बीमार हैं। कोरोना रोगी की पर्ची और वहीं के अस्पताल के लैटरपैड पर लिखवाकर भी लाए हैं, लेकिन रोजाना उन्हें टरकाया जा रहा है। उन्होंने सप्लायर पर मनमानी कर परेशान करने का आरोप लगाया। यही शिकायत वहां मौजूद अन्य लोगों की भी थी। शाम सवा पांच बजे गाड़ी आई तो फिर से अफरातफरी मच गई। वहीं किरतपुर से आए उस्मान और वासिद सिलिंडर नहीं मिलने पर निराश होकर लौट गए। उन्होंने सप्लायर के साथ-साथ अमरोहा जनपद के पुलिस-प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए।
सात किलो एक हजार और दस किलो 13 सौ रुपये
अमर उजाला द्वारा ऑक्सीजन की कालाबाजारी से संबंधित खबरें प्रकाशित होने के बाद यहां गुरुवार को एसडीएम मांगेराम चौहान द्वारा की गई। छापामारी के बाद सप्लायर ने गैस रेट लिस्ट लगा दी है। इसमें लिखा है कि सात किलो गैस 1000 रुपये और दस किलो गैस 1300 रुपये में उपलब्ध है। खास बात यह है कि पूर्व में बड़ा सिलिंडर मात्र पांच सौ में रीफिल होता था। इतना ही नहीं, गोदाम पर वजन करने के लिए कांटा अथवा ऑक्सीजन की मात्रा मापने के लिए कोई यंत्र भी नहीं लगा है।
मिस्त्री के भाई की मौत, नहीं मिल सकी पर्याप्त ऑक्सीजन
ऑक्सीजन के अभाव में एक और शख्स की मौत हो गई। चौपला पर गाड़ियों में डेंटिंग करने वाले एक मिस्त्री के भाई हसनपुर में रहते थे। अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी। कहीं भी ऑक्सीजन नहीं मिलने पर उनका मिस्त्री भाई अपनी गाड़ी ले जाकर मुरादाबाद से साढ़े सात हजार रुपये में सिलिंडर रीफिल कराकर लाए। जब तक ऑक्सीजन मिलती रही, उनके भाई की सांस चलती रही। सिलिंडर खाली होने पर उनके प्राण पखेरू उड़ गए।
सिलिंडर नहीं मिलने पर फिर हुआ हंगामा
शुक्रवार शाम लगभग सवा पांच बजे हसनपुर रोड स्थित मुकीम खान के गोदाम पर सिलिंडर की गाड़ी (पिकअप) आई। गाड़ी के आते ही वहां अफरातफरी मच गई। आरोप है कि सप्लायर ने अपने परिचितों को ही सिलिंडर दिए, जबकि कई लोग तीन दिन से यहां सिलिंडर लेने आ रहे हैं। उन्होंने सप्लायर पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया। इस दौरान वहां नौबत मारपीट की आ पहुंची। सिलिंडर नहीं मिलने पर खाली हाथ लौट रहे लोगों की आंखों से नीर बह रहा था।