अमरोहा। भ्रष्ट तंत्र और सिस्टम की कारगुजारी के चलते यहां मुर्दों को भी वृद्घावस्था पेंशन भेजी जा रही है। इसका खुलासा हुआ तो समाज कल्याण विभाग में खलबली मच गई। आनन-फानन में पेंशन धारकों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसमें विभाग को दो पेंशनधारक अपात्र मिले, जिनकी पेंशन अधिकारियों ने रोक दी है। वहीं, समाज कल्याण विभाग की 2020-21 की पात्रों की सूची के मुताबिक छह मृतकों के खाते में पेंशन भेजी जा रही है।
जिला समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजनों को पेंशन देता हैं। जिले में कुल 52,059 पेंशन धारक हैं। सभी पेंशनधारकों को 1500-1500 तिमाही बतौर पेेंशन दी जाती है। इनमें 34, 349 वृद्धावस्था पेंशन धारक है। वहीं, हसनपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भीमा सुल्तानपुर में वृद्धावस्था पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दरअसल, ग्राम पंचायत में कुल 94 लोगों को पेंशन की धनराशि आवंटित होती है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की साठगांठ से अपात्रों को भी पात्र बनाकर वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन की धनराशि भेजी जा रही है। निर्धारित 60 वर्ष से कम उम्र के ग्रामीणों के आधार कार्ड में जन्मतिथि को बदलकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ग्राम पंचायत अधिकारी से लेकर बीडीओ और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी पात्रता की जांच आंख मूंदकर कर रहे हैं। फिलहाल, भीमा सुल्तानपुर के छह लोग ऐसे सामने आए हैं जिनकी उम्र मतदाता सूची में 39 वर्ष, 40 वर्ष और 42 वर्ष है। वह वृद्घजनों का हक डकार रहे हैं। फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ तो विभागीय अफसर भी जांच होने और दो लोगों के अपात्र पाए जाने की बात मानने लगे। इसके अलावा भीमा सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में छह मृत लोगों के नाम भी पेंशन देने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि यह पेंशन धारक एक से तीन वर्ष पहले मर चुके हैं जबकि उनकी पेंशन लगातार खाते में पहुंच रही है। समाज कल्याण विभाग हर साल मई-जून में लाभार्थियों का सत्यापन कराता है। मुर्दों को पेंशन मिलने की बात से विभागीय अफसरों की जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। वृद्घावस्था पेंशन में फर्जीवाड़े की चर्चा सार्वजनिक हो जाने से विभागीय अधिकारियों और दलालों में हड़कंप है।
मृत पेंशन लाभार्थियों की सूची
- गिरवर पुत्र राम स्वरूप
- गोकल पुत्र मुन्नी
- हरवंश पुत्र भोदू
- जयराम पुत्र काशीराम
- लालमन पुत्र किड्डा
- घासीराम पुत्र नरायन (दिव्यांग)
नोट:- सभी की मृत्यु को एक से तीन वर्ष बीत चुके हैं।
चालीस वर्षीय व्यक्ति की जाति बदलकर दो खातों में भेजी जा रही वृद्घा पेंशन
ढबारसी/अमरोहा। भीमा सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में पेंशन फर्जीवाड़े की परतें खुलती जा रहीं हैं। विभागीय साठगांठ से एक व्यक्ति की जाति बदलकर दो बार वृद्घावस्था पेंशन दी जा रही है। पेंशन की धनराशि अलग-अलग बैंक खातों में आ रही है। पूर्व प्रधान प्रकाश सिंह का दावा है कि पेंशनधारक कलुआ की जाति खड़गवंशी और उम्र लगभग 40 वर्ष है। अनुसूचित जाति में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। लेकिन, समाज कल्याण विभाग की कारगुजारी कुछ और ही बयान कर रही है।
दरअसल, गांव की वृद्धावस्था पेंशन की सूची संख्या-46 नंबर में रजिस्टर संख्या 316710465701 पर नाम कलुआ पुत्र भजन सिंह उम्र 62 वर्ष और जाति ओबीसी दर्शाई गई है। उसमें मोबाइल नंबर अलग है। इन नाम की पेंशन धनराशि सिंडिकेट बैंक खाते में आ रही है। सूची संख्या 47 में रजिस्टर संख्या 316710514501 में नाम कलुआ पुत्र भजन सिंह उम्र 62 वर्ष और जाति एससी दर्शाई गई है। इसका मोबाइल नंबर अलग है। इसकी पेंशन धनराशि बैंक प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक खाते में आ रही है। सरकारी धन का बंदरबांट करने के लिए एक व्यक्ति की जाति, बैंक शाखाओं के नाम, फोन नंबर बदले गए हैं। अगर इस पेंशन फर्जीवाड़े की गंभीरता से जांच कराई गई तो कई विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है।
जून माह में जिलेभर के पेंशन लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया था। इस दौरान जो भी अपात्र और मृतक मिले, सभी की पेंशन बंद कर दी गई है। भीमा सुल्तानपुर में कितने पेंशनधारक मृतक मिले थे, यह मुझे स्पष्ट नहीं हैं। फिलहाल सभी अपात्र व्यक्तियों की पेंशन रोकी जा चुकी है। - मनोज कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी