नाम परिवर्तन के चलते बीमा धनराशि का भुगतान नहीं करने पर कंज्यूमर कोर्ट ने एलआईसी कंपनी पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही ग्राहक को तीस दिन के भीतर बीमा धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिए हैं।
अधिवक्ता इफ्तेखार सैफी ने बताया कि जोया के मोहल्ला इकबाल नगर निवासी शीला देवी ने वर्ष 1998 में कानूनी तौर पर धर्म परिवर्तन कर अपना नाम जीनत वारसी रख लिया था। लेकिन उनकी शीला देवी के नाम से एलआईसी कंपनी में बीमा पॉलिसी चल रही थी। पॉलिसी की मियाद पूरी होने पर उन्होंने एलआईसी दफ्तर में बीमा धनराशि का भुगतान करने के लिए आवेदन किया। लेकिन नाम परिवर्तन पर एलआईसी अधिकारियों ने बीमा धनराशि का भुगतान करने से इनकार कर दिया। बीमा धनराशि का भुगतान केवल शीलादेवी के नाम से ही किया जाएगा। लिहाजा शीला देवी उर्फ जीनत वारसी ने इस मामले में उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। फोरम ने केस की सुनवाई के दौरान एलआईसी को सेवा में कमी का दोषी पाया और मानसिक क्षतिपूर्ति व वाद व्यय के रूप में पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा स्थानीय शाखा प्रबंधक को तीस दिन के भीतर बीमा धनराशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।