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Amroha News: ठंड में 70 किमी दूरी तय कर पहुंचे मरीज, ओपीडी में नहीं मिले डॉक्टर

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सोमवार को जिला अस्पताल में डॉक्टरों के इंतजार में बैठे मरीज। संवाद
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अमरोहा। जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती जा रही हैं। मरीजों की पीड़ा को लेकर जिम्मेदार भी गंभीर नहीं है। गंगेश्वरी और आदमपुर क्षेत्र के कई मरीज गलन भरी ठंड में 70 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल इलाज करने पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों के इंतजार में घंटों लाइन में लगना पड़ा। बड़ी संख्या में मरीज बेंच पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करते दिखे। कई कक्षों में डॉक्टर गायब रहे तो ट्रेनिंग डॉक्टर मरीजों दवा लिखते दिखाईं दिए।
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अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही। जबकि खून की जांच करने वालों को भी सैंपल देने के लिए दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर के अपने कक्ष में नहीं बैठने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकारी अस्पतालों की ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे है। इस दौरान इमरजेंसी सेवा भी बहाल रहती है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। डाक्टर ओपीडी में पहुंचने के समय की अनदेखी करते हैं। मरीज इंतजार करे उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कई डॉक्टर नौ बजकर बीस मिनट पर अपने कक्ष में पहुंचे। जबकि इस वक्त तक दूरदराज से आए करीब 360 मरीजों ने इलाज के लिए पर्ची कटा ली थी। यही नहीं वह डाक्टरों के कक्ष के बार खड़े होकर उनका इंतजार कर रहे थे।
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डाक्टरों की इस कार्यप्रणाली को लेकर मरीजों और उनके तीमारदारों ने नाराजगी जाहिर की है। कान, कान, गले विशेषज्ञ कक्ष पर ताला लटकता मिला तो वहीं दंत चिकित्सक भी नदारत रहीं। इतना ही नहीं जनरल सर्जन भी अपने कक्ष से गायब थे। डाक्टरों के कक्षों के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। अस्पताल की बेंच पर बैठकर मरीज दर्द से कराहते दिखे।
गंगेश्वरी के रहने वाले राम रतन सिंह ने बताया कि वह सुबह आठ बजे आंखें दिखाने जिला अस्पताल पहुंच गए थे, पहले तो पर्ची बनवाने के लिए एक घंटे लाइन में लगा पड़ा। जब वह ओपीडी में पहुंचे तो घंटे तक कक्ष के बाहर खड़ा रहना पड़ा। आदमपुर के रहने वाले शौकीन ने बताया कि वह अपने माता श्यामा को लेकर अस्पताल आए थे। पर्ची कटाने के करीब दो घंटे बाद डॉक्टर ने उन्हें देखा।
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