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Amroha News: अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को मिल रही 20 दिन बाद की तारीख

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अमरोहा। पेट से जुड़ी बीमारियों और गर्भवती महिलाओं के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के लिए लिखते हैं। बिना अल्ट्रासाउंड कराए दवा नहीं देते। ऐसे में जिलेभर के सैंकड़ों मरीज जिला अस्पताल का रुख करते हैं। लेकिन जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। अल्ट्रासाउंड की दो मशीनें एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे हैं। इतना ही नहीं सैकड़ों मरीज परेशान है। ड्यूटी के समय एक डॉक्टर 20 से 22 अल्ट्रासाउंड कर पाता है। जबकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले मरीजों को तारीख पे तारीख दी जा रही है। मरीजों की मानें तो 20 से 30 दिन में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए समय दिया जा रहा है। इतना ही नहीं शनिवार को रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर थे। जिस कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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अगर आप गंभीर रूप से बीमार हैं और चिकित्सक ने पहले अल्ट्रासाउंड कराना जरूरी बताया है तो आप जिला अस्पताल के भरोसे बिल्कुल मत रहिए, क्योंकि जिला अस्पताल रोजाना बड़ी संख्या में अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इकलौते रेडियोलाजिस्ट की वजह से मरीजों को 30 दिन तक का समय दिया जा रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों के मुफ्त अल्ट्रासाउंड- एक्सरे की सुविधा उपलब्ध हैं। पिछले साल अक्तूबर को यहां तैनात रेडियोलाजिस्ट डॉ. कुलदीप सिंह और आदेश कुमार का स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद डॉ. विजयपाल सिंह को यहां भेजा गया। जिसके बाद से दिक्कत बनी हुई है। मरीजों को अगली दिन की तारीख देकर वापस भेजा जा रहा है। अगले दिन आने पर दो दिन बाद आने को कहा जाता है।

सीएमओ कार्यालय में तैनात हैं एक रेडियोलॉजिस्ट जिले में दो रेडियोलाजिस्ट हैं। इनमें डॉ. विजयपाल सिंह जिला अस्पताल में और डॉ. सतपाल सिंह सीएमओ कार्यालय में तैनात हैं और वह जिला संचारी रोग नियंत्रण अधिकारी की कमान संभाल रहे हैं। सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल ने बताया कि हमारे यहां पहले से ही 11 में से पांच एसीएमओ हैं।
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ये है अस्पताल में डॉक्टरों की स्थिति
संयुक्त जिला चिकित्सालय में शासन से डॉक्टरों के 52 पद स्वीकृत हैं, लेकिन महज 20 चिकित्सकों के सहारे स्वास्थ्य सेवाएं जैसे-तैसे रेंग रही है। जिसमे फिजीशियन के 2 पद हैं, जबकि एक डॉक्टर तैनात है। चेस्ट फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के एक-एक पदों पर आज तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी। बाल रोग विशेषज्ञ दोनों पद भरे हैं। एनेस्थेटिक्स के 2 पदों में एक डॉक्टर तैनात है। जनरल सर्जन के 2 पद में से एक डॉक्टर की तैनाती है। ऑर्थोपेडिक सर्जन के दोनों पद भरे हुए हैं। ऐसे ही दो में से एक नेत्र सर्जन तैनात हैं। जबकि ईएनटी सर्जन के एक पद पर डॉक्टर तैनात हैं। रेडियोलॉजिस्ट के 2 पदों में एक ही डॉक्टर हैं जबकि 1 पद खाली है। चर्म रोग विशेषज्ञ में स्वीकृत एक पद पर डॉक्टर तैनात हैं। ईएमओ के तीनों पर भरे हुए हैं, अधीक्षक परामर्शदाता का एक पद है वह भी खाली है। जबकि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक तैनात हैं।

अस्पताल में डॉक्टर की कमी है। शासन को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। दो रेडियोलॉजिस्ट में एक तैनात हैं। अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों की काफी भीड़ रहती हैं। ऐसे में मरीज को अगली तारीख दी जाती होगी। एक और रेडियोलॉजिस्ट मिलने के बाद ये दिक्कत खत्म हो जाएगी।-प्रेमा पंत त्रिपाठी, सीएमएस

मरीजों ने बताई समस्याएं
लगातार चार दिन से अल्ट्रासांउड कराने के लिए जिला अस्पताल आ रही हूं। मगर कभी नंबर नहीं लग पाता है और कभी चिकित्सक न होने का बहाना बनाकर टरका दिया जाता है। शनिवार को भी वह अस्पताल पहुंची मगर चिकित्सक के केबिन का ताला लगा हुआ मिला। मजबूर होकर वह वापस लौट गई।- किरन, कैलसा


मैं पिछले एक सप्ताह से अल्ट्रासांउड के लिए चक्कर लगा रही हूं। नंबर नहीं आने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। शनिवार को फिर अल्ट्रासाउंड कराने आई तो बताया कि डॉक्टर नहीं हैं। मजबूरन आज भी वापस घर लौटना पड़ रहा है।- सानिया, सिरसा खुमार
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