सीएचसी में लंबे समय से आंखों की जांच न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंखों से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए यहां आने वाले मरीजों को बिना उपचार के ही लौटना पड़ता है। इससे उन्हें निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
सीएचसी हसनपुर क्षेत्र के नगर की एक लाख की आबाद के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के भी मरीज दवाएं लेने के लिए पहुंचते हैं। आंखों की समस्या से ग्रस्त लोग, विशेषकर बुजुर्ग, इस केंद्र पर इलाज की उम्मीद से आते हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती है। मरीजों का कहना है कि उन्हें सामान्य आंखों की जांच या चश्मे के नंबर के लिए भी कई किलोमीटर दूर मुरादाबाद या गजरौला जैसे शहरों में जाना पड़ता है, जिसमें समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होते हैं। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस प्रमुख समस्या का समाधान करने की मांग की है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि सीएचसी पर आंखों की जांच की सुविधा भी होना चाहिए।
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उच्चाधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा दिया है और पद भरने की प्रक्रिया जारी है, जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। जिससे मरीजाें को उचित और समय पर उपचार मिल सके।- डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह, सीएचसी प्रभारी
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