मदरसा बोर्ड के कर्मचारियों की चूक से 12 अप्रैल और 16 अप्रैल को होने वाली अरबी-फारसी परीक्षा निरस्त करना पड़ गया। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, अरबी-फारसी की 12 अप्रैल को होने वाली कामिल, सुन्नी थर्ड ईयर के प्रश्नपत्र के लिफाफे में सोलह अप्रैल के प्रश्नपत्र रख दिए गए थे।
अमरोहा के दो केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के मिलान के दौरान गड़बड़ी का पता चलने पर खलबली मच गई। इसके बाद विभागीय अफसरों ने बोर्ड आफिस से संपर्क साधा। अन्य जिलों में भी सोलह अप्रैल का पेपर खुलने की सूचना मिली। इसके बाद बोर्ड के आदेश पर बारह अप्रैल और सोलह अप्रैल की परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। अभी परीक्षा की की नई तिथि तय नहीं हुई है।
जिले में ग्यारह अप्रैल से मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं चल रहीं हैं। मंगलवार को पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। इसमें 9531 बच्चों में से 6460 बच्चों ने परीक्षा दी, जबकि 3058 परीक्षार्थी परीक्षा से नदारद रहे।
दूसरी पाली में अरबी-फारसी की कामिल सुन्नी थर्ड ईयर की परीक्षा आयोजित होनी थी, लेकिन नौगावां सादात के एसएएन इंटर कॉलेज और आले अहमद इंटर कॉलेज में प्रश्नपत्रों के मिलान के दौरान लिफाफों में बारह अप्रैल के स्थान पर सोलह अप्रैल की परीक्षा के प्रश्नपत्र मिलने की बात सामने आई।
दूसरी तारीख का प्रश्नपत्र खुलते ही केंद्रों पर खलबली मची गई। आनन-फानन में विभागीय अफसरों ने बोर्ड आफिस में संपर्क साधा। बोर्ड आफिस से जानकारी मिली की अन्य जनपदों में भी इसी तरह की शिकायतें मिली है। जिसके चलते परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। अब दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
बोर्ड स्तर से लिफाफों में प्रश्नपत्र रखने की चूक हुई है। बारह अप्रैल की परीक्षा में सोलह अप्रैल को होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र मिला है। एक दो केंद्रों पर ही प्रश्नपत्र खुला था, इसकी जानकारी होते ही अन्य केंद्रों पर प्रश्नपत्र नहीं खुलने दिए गए। बोर्ड ने बारह अप्रैल और सोलह अप्रैल की अरबी, फारसी की परीक्षा को निरस्त कर दिया है। अब दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
अब्दुल मजीद खां, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी